थारू और बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी जिले के पलियाकलां के चंदनचौकी और मोहम्मदी तहसील के मियांपुर में आयोजित कार्यक्रमों में विकास, अधिकार और पहचान से जुड़े कई अहम सौगात दी। उन्होंने थारू, पूर्वी उप्र के विस्थापित लोगों और बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपने के साथ ही मियांपुर गांव का नाम बदलकर रविंद्र नगर करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दोनों कार्यक्रमों में कुल 1234 करोड़ रुपये की 527 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को गति देंगी।
चंदनचौकी में मुख्यमंत्री ने कहा कि संघर्ष करने वाले थारू समाज के जिन लोगों पर सपा सरकार के समय मुकदमे दर्ज हुए थे, उनकी सरकार उन मुकदमों को वापस लेगी। उन्होंने कहा कि अब थारू समाज पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा क्योंकि डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रजा सुखे सुखं राज्ञः, प्रजानां च हिते हितम्… श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चा शासन वही है, जहां प्रजा सुखी हो और शासन की खुशी जनता के कल्याण में निहित हो।
उन्होंने बताया कि पलिया तहसील के 34 गांवों के 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि के स्वामित्व संबंधी अधिकार पत्र दिए गए हैं। वर्ष 1976 से ये परिवार जमीन का उपयोग कर रहे थे। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 विस्थापित परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि के स्वामित्व के अधिकार पत्र दिए गए। वे वर्ष 1955 से यहां रह रहे हैं। उन्होंने मंच पर पांच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से अधिकार पत्र भी वितरित किए।
1031 परिवारों को दिए अधिकार पत्र
मोहम्मदी तहसील के मियांपुर में मुख्यमंत्री ने पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित होकर बसे 331 बंगाली हिंदू परिवारों को भी भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया। बांग्लादेश से विस्थापित कुल 1031 परिवारों को अधिकार पत्र दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज उस ज़मीन का मालिकाना हक आपके पास है जिस पर आप दशकों पहले बसे थे। मैं पीएम मोदी की तरफ से आपके उस सपने को पूरा करने यहां आया हूं। यह पीएम का सबका साथ, सबका विकास का मंत्र है।
पापी पाकिस्तान और टूटेगा- सीएम योगी
सीएम ने कहा कि 1947 में भारत का विभाजन जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज के बिखराव का परिणाम था। ऐतिहासिक त्रासदियों से सीख लेकर ही हम एक सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार विस्थापितों को अधिकार देने का कार्य कर रही थी, तब कांग्रेस, सपा और टीएमसी जैसी ताकतें इस मानवीय न्याय के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न कर रही थीं। पापी पाकिस्तान ने भारत को बंटवाया और फिर खुद भी बंट गया। वह और भी टुकड़ों में टूटने वाला है।
मियांपुर गांव का नाम बदला
मुख्यमंत्री ने मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह गांव अब गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले इस गांव का नाम इस तरह रखा गया था, जिससे यहां के लोगों की पहचान छिपाई जा सके, लेकिन अब इसे सही पहचान दी जा रही है। कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का पाप देखिए। वे आपके वोट लेते रहे लेकिन आपको कभी मालिकाना हक नहीं दिया। आपकी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने इस गांव का नाम मियांपुर रख दिया। ज़रा सोचिए, यहां एक भी मियां नहीं है, लेकिन नाम मियांपुर है। यहां बांग्लादेश से आए हमारे दोस्त बसे हैं। इसका नाम रवींद्र नगर रखा जाएगा। आपकी पहचान राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर से होगी।
खीरी से बंगाल चुनाव को साधते दिखे सीएम योगी
रविंद्रनाथ ठाकुर का पश्चिम बंगाल के जनमानस में गहरा प्रभाव है। गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान का जिक्र करते हुए सीएम योगी पश्चिम बंगाल चुनाव से पूर्व वहां के मतदाताओं को भी साधते दिखे।




