चैत्र पूर्णिमा 2026: 2 अप्रैल की रात करें ये खास उपाय
साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस तिथि पर मुख्य रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन पर किए गए कुछ विशेष उपाय, आपकी हर दुख-बाधा को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।
मिट जाते हैं सारे पाप
हिंदू धर्म में पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करना अनंत पुण्यकारी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जो भी साधक पूर्णिमा तिथि पर भक्तिभाव से गंगा स्नान करता है, उसके सभी पाप मिट जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। ऐसे में चैत्र पूर्णिमा पर गंगा स्नान जरूर करें। यदि ऐसा करना आपके लिए संभव न हो तो, आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार, गरीबों व जरुरमंद लोगों को अन्न व धन का दान करें।
गृह क्लेश शांति के उपाय
अगर आपके जीवन में भी लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनी हुआ है, तो इससे मुक्ति के लिए आप चैत्र पूर्णिमा के दिन ये खास उपाय कर सकते हैं। इसके लिए पूर्णिमा तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करें। पूजा में विष्णु जी को सफेद चंदन का तिलक लगाएं। साथ ही घर के मुख्य द्वार पर सफेद चंदन से स्वस्तिक बनाएं। इस उपाय को करने से घर में सुख-शांति आती है।
रात में करें ये काम
प्रदोष काल में विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें और उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में दीपक जलाएं।
मां लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं और वहीं बैठकर श्रीसूक्त का पाठ करें।
पूर्णिमा की रात (Chaitra Purnima 2026 Upay) को कच्चे दूध, चीनी और चावल को मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें।
मां लक्ष्मी के मंत्र
मूल मंत्र – ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
धन प्राप्ति मंत्र – ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः
महा लक्ष्मी मंत्र – ॐ महालक्ष्म्यै नमः
प्रसिद्ध स्तुति मंत्र – या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
लक्ष्मी कुबेर मंत्र – ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥



