Uncategorized

थलापति Vijay के ऑनस्क्रीन छोटे भाई ने क्यों लिया धर्म बदलने का फैसला?

फिल्म ‘भगवती’ में अभिनेता थलापति विजय (Vijay) के छोटे भाई का किरदार अदा करने वाले अभिनेता ‘जय’ ने इस्लाम धर्म अपनाया है। जय ने खुद एक इंटरव्यू में यह बताया है कि उन्होंने अचानक अपना धर्म बदलने का फैसला क्यों लिया है।

7 साल से इस्लाम धर्म का पालन कर रहे हैं जय
करियर में उतार-चढ़ाव के बीच एक दशक पहले जय को लेकर ये खबर आई थी कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया है। शुरुआत में तो जय ने इससे इनकार कर दिया, लेकिन बाद में उन्होंने गलाटा इंडिया को दिए गए इंटरव्यू में खुद इस्लाम कुबूल करने की बात कही। जय ने कहा,

“मैं सात साल से इस्लाम धर्म फॉलो कर रहा हूं। इस्लाम के प्रति मेरे मन में एक ऐसा विश्वास जागा है, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। मेरे घर पर सभी बहुत खुश हैं, क्योंकि जो बच्चा पहले किसी भगवान की पूजा नहीं करता था, वह अब कर रहा है। मैंने इस्लाम धर्म अपना लिया है, लेकिन अभी तक मैंने अपना नाम चेंज नहीं किया है। मैं सोच रहा हूं कि क्या मुझे अपना नाम बदलकर ‘अजीज जय’ रख लेना चाहिए।”

कुछ मंदिरों में जाकर झेलना पड़ा था अपमान
जय ने जिंदगी का इतना बड़ा निर्णय लेने के पीछे की वजह भी बताई। अभिनेता ने कहा, “मैं सबरीमाला के लिए माला पहनता था। एक साल के लिए मैंने यीशू की भी माला पहनी और फास्ट रखा। मैंने सभी भगवान को फॉलो किया, यह सोचकर की सब ठीक है। हालांकि, एक समय ऐसा आया, जहां मुझे कुछ मंदिरों में अपमानित होना पड़ा, कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिनसे मैं संतुष्ट नहीं था। वह चीजें लगातार हो रही थीं।”

अभिनेता ने आगे कहा, “एक बार मैं ऐसे ही मस्जिद गया। मैंने देखा कि हर कोई लाइन में खड़ा है और प्रेयर कर रहा है। वहां पर सभी जानते थे कि मैं एक एक्टर हूं, लेकिन मस्जिद के अंदर किसी ने भी मुझसे बात करने की कोशिश नहीं की। प्रेयर खत्म होने के बाद जब सब बाहर आए, उसके बाद उन्होंने मुझसे विनम्रता के साथ मुलाकात की। किसी ने वहां पर फोटो लेने की बात नहीं कही, तब मैंने खुद से ये सवाल किया कि यहां सब एक समान हैं? हर किसी को यहां पर एक ही दृष्टि से देखा जाता है? इस बात ने ही मुझे अंदर से झकझोर कर रख दिया।”

वे लोग सिर्फ अल्लाह को ही सर्वोपरि मानते हैं
जय ने मस्जिद में बिताए पलों का अनुभव शेयर करते हुए कहा, “उनके लिए कोई भी स्टार हो वह बड़ा नहीं है, वह सिर्फ अल्लाह को ही सबसे ऊपर मानते हैं। वो हमें स्पेस देते हैं और पूछते हैं कि हम क्या चाहते हैं। कोई भी धक्का-मुक्की करके ये नहीं कहता कि आगे बढ़ो हमें प्रेयर करनी है। हम जब तक चाहें तब तक प्रार्थना कर सकते हैं। ऐसा महसूस होता है कि हम योग कर रहे हैं। जब से मैंने इस्लाम अपनाया है, तब से मेरे किरदार में भी बदलाव आने लगा है।” आपको बता दें कि जय हाल ही में बाबू विजय की सत्तेंद्रु मारुधु वानीलाई में नजर आए थे, जिसमें योगी बाबू भी अहम भूमिका में थे।

Related Articles

Back to top button