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	<title>देश-विदेश &#8211; Bharat Ki Tasveer</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Sat, 07 Jun 2025 06:41:01 +0000</lastBuildDate>
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		<title>ऑपरेशन सिंदूर को एक महीना पूरा, आज भी जख्म भूल नहीं पा रहा पाकिस्तान</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147454/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 06:41:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[आज से ठीक एक महीने पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान के लिए कयामत की रात ला दी थी, जब भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। भारत द्वारा दिए गए इस गहरे घाव की मार पाकिस्तान अभी तक झेल रहा है। इस बीच राजस्थान में भारत-पाकिस्तान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="754" height="409" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-120723.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>आज से ठीक एक महीने पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान के लिए कयामत की रात ला दी थी, जब भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। भारत द्वारा दिए गए इस गहरे घाव की मार पाकिस्तान अभी तक झेल रहा है।</p>
<p>इस बीच राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के दक्षिणी क्षेत्र में 7 जून और 8 जून को भारतीय वायुसेना (IAF) बड़े स्तर पर अभ्यास करने वाली है, जिसे लेकर इंडियन एअरफोर्स ने एअरमेन को नोटिस (NOTAM) जारी किया है।</p>
<p><strong>कब से कब तक आयोजित होगा अभ्यास</strong><br />यह अभ्यास भारतीय वायुसेना नियमित तैयारियों का एक हिस्सा है, जो सीमा क्षेत्र के निकट हवाई क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। NOTAM के अनुसार, 7 जून को दोपहर 3.30 बजे शुरू होगा और अगले दिन 8 जून को रात 8.30 बजे समाप्त होगा।</p>
<p>इस दौरान अभ्यास में कोई बाधा उत्पन्न न हो इसके लिए अभ्यास क्षेत्र के ऊपर हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। आईएएफ के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि युद्ध अभ्यास के दौरान प्लेटफॉर्मों और अन्य सहायक प्रणालियों के अलावा राफेल, मिराज 2000 और सुखोई-30 जैसे फ्रंटलाइन फाइटर जेट सहित कई उन्नत डिफेंस सिस्टम शामिल होंगे।</p>
<p><strong>पीएम मोदी का बयान</strong><br />बता दें, ऑपरेशन सिंदूर को एक महीने हो चुका है और पाकिस्तान अभी तक इसके सदमे से बाहर नहीं आया है। 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से ठीक एक महीने पहले, 6 मई की रात पाकिस्तान के आतंकियों पर कयामत बरसी थी।</p>
<p>उन्होंने कहा, “अब ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनते ही पाकिस्तान को अपनी शर्मनाक हार याद आएगी। यह ऑपरेशन भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का प्रतीक है।”</p>
<p><strong>भारत ने पाकिस्तान पर क्या-क्या कार्रवाई की?</strong><br />22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल को भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया।</p>
<p>यह संधि 1960 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसमें सिंधु नदी के पानी का बंटवारा हुआ था।</p>
<p>सिंधु जल संधि के अनुसार, पाकिस्तान को नदी का 80% पानी मिलता था।<br />संधि निलंबित करने के बाद पाकिस्तान में पानी की कमी होने लगी।</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत</strong><br />पहलगाम में आतंकवादियों ने 22 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। इस हमले में आतंकियों ने भारतीय हिन्दू पुरुषों को निशाना बनाया था। भारत ने इस हमले का जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद के साथ द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) को ठहराया था।</p>
<p>आतंकी हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई की रात 1.05 बजे से लेकर 1.30 तक ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। ऑपरेशन सिंदूर 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 बालाकोट एअरस्ट्राक के बाद भारत का आतंकियों पर तीसरा बड़ा हमला था।</p>
</div>
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		<title>क्या 500 रुपये के नोट होने जा रहे बंद? सरकार ने बताया क्या है सच</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147452/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 06:37:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[यूट्यूब पर एक वीडियो में दावा किया गया कि 2026 तक 500 रुपये के नोट बंद हो जाएंगे। यह वीडियो पिछले कुछ दिनों से खूब वायरल हो रहा है। ये वीडियो लोगों को साल 2016 की याद दिला है जब 500 और एक हजार के नोट आमान्य घोषित कर दिए गए थे। लेकिन सवाल है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="757" height="423" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-112742.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>यूट्यूब पर एक वीडियो में दावा किया गया कि 2026 तक 500 रुपये के नोट बंद हो जाएंगे। यह वीडियो पिछले कुछ दिनों से खूब वायरल हो रहा है। ये वीडियो लोगों को साल 2016 की याद दिला है जब 500 और एक हजार के नोट आमान्य घोषित कर दिए गए थे। लेकिन सवाल है कि क्या सच में साल 2026 तक फिर से 500 रुपये के नोट बंद हो जाएंगे?</p>
<p>इसका जबाव है कि ऐसा कुछ नहीं होना वाला है। भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह गलत करार दिया है। सरकार ने साफ किया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है।</p>
<p><strong>वीडियो में क्या दावा किया गया?</strong><br />वायरल वीडियो ‘कैपिटल टीवी’ नाम के यूट्यूब चैनल ने 2 जून को अपलोड किया था। वीडियो में कहा गया कि मार्च 2025 से 500 रुपये के नोट धीरे-धीरे बंद होने शुरू होंगे। 12 मिनट के इस वीडियो को 5 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। वीडियो में एंकर सूत्रों के हवाले से दावा करता है कि 500 के नोट साल 2026 के बाद बंद हो जाएंगे।</p>
<p><strong>सरकार ने कर दिया फैक्ट चेक</strong><br />भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक इकाई ने X पर पोस्ट करके कहा, “500 रुपये के नोट बंद नहीं हुए हैं और ये कानूनी तौर पर पूरी तरह मान्य हैं।”</p>
<p>PIB ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी गलत खबरों पर यकीन न करें और न ही इन्हें फैलाएं। फैक्ट चेक इकाई ने सलाह दी, “हमेशा आधिकारिक स्रोतों से खबर की पुष्टि करें।”</p>
</div>
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		<title>LGBTQ+ कपल्स को मद्रास हाईकोर्ट ने सुनाई खुशखबरी</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147450/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Jun 2025 12:33:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने यद्यपि समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह को वैध नहीं ठहराया है, मगर वे एक परिवार बना सकते हैं। अब मद्रास हाईकोर्ट ने भी एक महिला को अपनी महिला साथी के साथ रहने की अनुमति देते हुए कहा है कि दोनों महिलाएं एक परिवार बना सकती हैं। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="721" height="409" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/jhgui.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/jhgui.gif 721w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/jhgui-390x220.gif 390w" sizes="auto, (max-width: 721px) 100vw, 721px"></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने यद्यपि समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह को वैध नहीं ठहराया है, मगर वे एक परिवार बना सकते हैं। अब मद्रास हाईकोर्ट ने भी एक महिला को अपनी महिला साथी के साथ रहने की अनुमति देते हुए कहा है कि दोनों महिलाएं एक परिवार बना सकती हैं। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने कहा कि ”परिवार” शब्द को विस्तृत अर्थ में समझना होगा।</p>
<p>25 वर्षीय एक महिला को कोर्ट में पेश करने और उसे रिहा करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, ”हमारे द्वारा पूछे गए एक विशिष्ट प्रश्न पर बंदी (25 वर्षीय महिला) ने उत्तर दिया कि वह समलैंगिक है और याचिकाकर्ता के साथ संबंध में है।”</p>
<p>उसने अदालत को स्पष्ट कर दिया कि वह याचिकाकर्ता के साथ जाना चाहती है। उसने इस आरोप की पुष्टि की कि उसे उसके पैतृक परिवार द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध ‘कैद’ में रखा जा रहा है। ”ऐसा प्रतीत होता है कि उसे जबरन उसके घर ले जाया गया और पीटा गया। उसने हमें बताया कि उसके पैतृक परिवार के सदस्यों ने उसे कुछ अनुष्ठान करने के लिए मजबूर किया ताकि वह ”सामान्य” हो जाए। उसे अपनी जान को भी खतरा होने की आशंका थी।”</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खतरे में खेती: ढाई दशक में 25 प्रतिशत तक घट सकता है खाद्यान्न उत्पादन</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147448/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Jun 2025 12:33:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[जलवायु परिवर्तन से खाद्य सुरक्षा को बड़ा झटका लग सकता है। तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और हीटवेव जैसी मौसमी घटनाओं का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है, जिससे 2050 तक प्रमुख खाद्यान्न फसलों के उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। इंडियन नेटवर्क फार क्लाइमेट चेंज असेसमेंट (आइएनसीसीए) की रिपोर्ट में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="714" height="405" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/ytyui.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/ytyui.gif 714w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/ytyui-390x220.gif 390w" sizes="auto, (max-width: 714px) 100vw, 714px"></p>
<p>जलवायु परिवर्तन से खाद्य सुरक्षा को बड़ा झटका लग सकता है। तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और हीटवेव जैसी मौसमी घटनाओं का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है, जिससे 2050 तक प्रमुख खाद्यान्न फसलों के उत्पादन में भारी कमी आ सकती है।</p>
<p>इंडियन नेटवर्क फार क्लाइमेट चेंज असेसमेंट (आइएनसीसीए) की रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे ज्यादा कमी गेहूं एवं धान जैसी प्रमुख फसलों की उपज में हो सकती है। गेहूं में 6 से 25 प्रतिशत और धान में 3 से 15 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">खाद्यान्न उत्पादन में 10 से 30 प्रतिशत कमी की आशंका</h2>
<p>ऐसा हाल सिंचित क्षेत्रों का होगा। असिंचित क्षेत्रों में खाद्यान्न उत्पादन में 10 से 30 प्रतिशत कमी की आशंका है। आइएनसीसीए की रिपोर्ट के बाद फेडरेशन ऑफ आल इंडिया फार्मर एसोसिएशन (फैफा) ने जलवायु परिवर्तन से संभावित क्षति पर चिंता जताते हुए किसानों की आय बढ़ाने वाली मौसम अनुकूल कृषि पर जोर दिया है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के प्रयास तेज हों</h2>
<p>संगठन ने विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली में सेमिनार का आयोजन कर एक विशेष रिपोर्ट जारी की, जिसमें खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के प्रयासों को रेखांकित किया गया।विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के जरिए ही जलवायु संकट से किसानों को बचाया जा सकता है। अक्षय ऊर्जा, सूक्ष्म सिंचाई एवं जैविक खेती के लिए सब्सिडी का प्रविधान हो, ताकि छोटे एवं सीमांत किसान भी सक्षम बनें।</p>
<h2 class="wp-block-heading">छोटे किसानों की स्थिति चिंताजनक</h2>
<p>फैफा के महासचिव मुरली बाबू का मानना है कि खेती पर जलवायु परिवर्तन का असर दिखने भी लगा है। मिट्टी की गुणवत्ता कम हो रही है। भूजल स्तर गिर रहा है। छोटे किसानों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।इसी प्रयास में आइसीएआर ने देशभर के 6.93 लाख किसानों तक मौसम और मिट्टी के अनुकूल खेती की तकनीक पहुंचाकर किसानों को प्रशिक्षित किया। जलवायु अनुकूल गांवों का विकास किया गया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">भविष्य के खतरे से निपटने के लिए करने होंगे ये काम</h2>
<p>भविष्य के खतरे से निपटने के लिए फैफा ने सरकरार से जलवायु अनुकूल बीजों के लिए शोध में निवेश बढ़ाने, परंपरागत खेती एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, सटीक कृषि उपकरणों की उपलब्धता आदि पर फोकस बढ़ाने का आग्रह किया है। खेती को टिकाऊ, लाभदायक और पर्यावरण के अनुरूप बनाकर देश के करोड़ों किसानों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गिग श्रमिकों के लिए कर्नाटक सरकार के अध्यादेश की राहुल गांधी ने की सराहना</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147076/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 May 2025 09:27:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश में गिग श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड की स्थापना और एक कल्याण कोष के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि यह अध्यादेश गिग श्रमिकों को अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश में गिग श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड की स्थापना और एक कल्याण कोष के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि यह अध्यादेश गिग श्रमिकों को अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है।</p>
<p>कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार की ओर से गिग श्रमिकों के लिए लाए गए अध्यादेश की सराहना की। राहुल गांधी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसे कांग्रेस हर राज्य में लेकर जाएगी। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश में गिग श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड की स्थापना और एक कल्याण कोष के निर्माण का प्रस्ताव रखा है।</p>
<p>राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रेटिंग नहीं, हक चाहिए। इंसान हैं हम, गुलाम नहीं’। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गिग वर्कर्स के ये शक्तिशाली शब्द मेरे साथ रहे। कर्नाटक में हमारी कांग्रेस सरकार ने एक अध्यादेश जारी करके ऐतिहासिक कदम उठाया है, जो गिग श्रमिकों को अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देता है। ये श्रमिक हमारे लिए भोजन लाते हैं, आवश्यक वस्तुएं पहुंचाते हैं और गर्मी, सर्दी और बारिश में हमारे लिए सुरक्षित रूप से वाहन चलाते हैं।</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि अक्सर उन्हें बिना किसी कारण बताए उनके एप से ब्लॉक कर दिया जाता है। बीमार होने पर छुट्टी देने से मना कर दिया जाता है और अस्पष्ट एल्गोरिदम के अनुसार भुगतान किया जाता है। हम इसे बदल रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कर्नाटक का नया अध्यादेश सामाजिक सुरक्षा, निष्पक्ष अनुबंध, एल्गोरिदमिक वेतन में पारदर्शिता और मनमाने ढंग से रोक लगाने की समाप्ति सुनिश्चित करता है। इसी तरह तकनीक को लोगों की सेवा करनी चाहिए। नवाचार और न्याय को बढ़ावा देना चाहिए। राजस्थान ने रास्ता दिखाया है। कर्नाटक ने काम किया है। तेलंगाना अगला नंबर है।</p>
<p>राहुल गांधी के मुताबिक गिग और प्लेटफॉर्म कार्य नए अवसर पैदा कर रहे हैं। कार्य संबंधों को नया आकार दे रहे हैं। साथ ही श्रमिकों के अधिकार इस नई व्यवस्था के केंद्र में होने चाहिए। यह हमारा विजन है और हम इसे हर राज्य और देश तक ले जाएंगे।</p>
<p>कर्नाटक में प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स वेलफ़ेयर बोर्ड में 15 सदस्य होंगे। श्रम मंत्री की अध्यक्षता में इसमें चार गिग वर्कर्स, गिग एग्रीगेटर्स के चार प्रतिनिधि और इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले सिविल सोसाइटी के दो प्रतिनिधि होंगे। इन सभी को राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वायुसेना प्रमुख बोले- एक बार जो हमने कमिट किया, फिर अपने आप की भी नहीं सुनते; नौसेना चीफ ने कही यह बात</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147072/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 May 2025 09:02:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्रीय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय बलों ने मिलकर इसे बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। सीआईआई बिजनेस समिट में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा, ‘हम सच्चाई के रास्ते पर चल रहे थे, मुझे लगता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्रीय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय बलों ने मिलकर इसे बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। सीआईआई बिजनेस समिट में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा, ‘हम सच्चाई के रास्ते पर चल रहे थे, मुझे लगता है कि इसमें भगवान भी हमारे साथ थे।’ इस दौरान उन्होंने ‘प्राण जाय पर वचन न जाए…’ और ‘एक बार हमने जो कमिट कर लिया है, उसके बाद अपने आप की भी नहीं सुनता’ जैसी बातें भी कहीं। आइए जानते हैं विस्तार से…</p>
<p>वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘हम जिस ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात कर रहे हैं, यह एक राष्ट्रीय जीत है। मैं हर भारतीय का शुक्रिया अदा करता हूं। मुझे यकीन है कि हर भारतीय इस जीत की उम्मीद कर रहा था।’ उन्होंने कहा, ‘जैसा कि बार-बार कहा जाता रहा है कि यह एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसे सभी ने बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया, सभी एजेंसियां, सभी बल, हम सभी एक साथ आए और जब सच्चाई आपके साथ होती है, तो सब कुछ अपने आप हो जाता है।’</p>
<p>उन्होंने कहा कि चाहे वह जमीन की ताकत हो या जल की, वायुसेना हमेशा रहेगी। वायु सेना को इन दोनों के लिए दिलचस्प होना होगा। हम जो भी ऑपरेशन करते हैं, हम उसे वायु सेना के बिना नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि इस ऑपरेशन के दौरान भी यह बहुत अच्छी तरह से साबित हुआ है। हम सिर्फ भारत में उत्पादन के बारे में बात नहीं कर सकते। हमें भारत में ही डिजाइनिंग और विकास शुरू करने की जरूरत है। जब संख्या में उत्पादन की बात आती है तो क्षमता सामने आती है। इसलिए हमें सेनाओं और उद्योग के बीच इस विश्वास को बनाए रखने की जरूरत है। हमें बात करते रहने की जरूरत है। हमें एक-दूसरे के साथ खुलने की जरूरत है। ताकि यह रिश्ता कहीं भी टूटने न पाए। ‘प्राण जाय पर वचन न जाए…’ रक्षा मंत्री ने आज ही यह कहा है। हमें ऐसा ही करने की जरूरत है। एक बार हमने जो कमिट कर लिया है, उसके बाद अपने आप की भी नहीं सुनता। ऐसा करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>‘हम ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा नहीं हो सकता?’<br />
</strong>वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘समयसीमा एक बड़ा मुद्दा है। इसलिए एक बार समयसीमा तय हो जाने के बाद मुझे लगता है कि एक भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई है। इसलिए हमें इस पर गौर करना होगा। हम ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा नहीं हो सकता? अनुबंध पर हस्ताक्षर करते समय कभी-कभी हमें यकीन होता है कि यह काम पूरा नहीं होगा, लेकिन हम अनुबंध पर हस्ताक्षर कर देते हैं।’</p>
<p><strong>‘अभी से भविष्य के लिए तैयार रहना होगा’<br />
</strong>एयर चीफ मार्शल ने कहा, ‘ऐसा समय था, जब हमें भारतीय उद्योग पर हमेशा संदेह रहता था कि यह वह उत्पाद नहीं दे सकता जो हम चाहते थे और हम बाहर की ओर अधिक देखते थे, लेकिन पिछले एक दशक से अधिक समय में चीजें काफी बदल गई हैं। अब दुनिया की मौजूदा स्थिति ने हमें एहसास दिलाया है कि आत्मनिर्भरता ही एकमात्र समाधान है, हमें अभी से भविष्य के लिए तैयार रहना होगा।’</p>
<p><strong>‘ऑपरेशन सिंदूर एक राष्ट्रीय जीत’<br />
</strong>सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, ‘मैं ऑपरेशन सिंदूर को रिकॉर्ड में रखना चाहता हूं, जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं। यह एक राष्ट्रीय जीत है। मैं यहां मौजूद हर भारतीय को धन्यवाद देता हूं। मुझे यकीन है कि हर भारतीय ने इस जीत में योगदान दिया है। जैसा कि बार-बार कहा गया है, यह एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसे सभी एजेंसियों, सभी बलों की ओर से बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया था। हम सभी एक साथ आए और जब सच्चाई एक साथ होती है, तो सब कुछ अपने आप हो जाता है।’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘जब हम एक राष्ट्र की बात करते हैं तो इसमें हम सभी सेना, नौसेना, वायु सेना, विभिन्न एजेंसियां, उद्योग, डीआरडीओ एक बड़ी श्रृंखला की कड़ी हैं। हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा समूह, जिससे मैं संबंधित हूं, वह कमजोर समूह न हो जिसके कारण यह श्रृंखला टूट जाए।’</p>
<p><strong>‘ऑपरेशन सिंदूर ने हमें बताया कि भविष्य में हमें क्या चाहिए’<br />
</strong>वायुसेना प्रमुख कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर जैसा कि नौसेना प्रमुख ने कहा था, युद्ध का चरित्र बदल रहा है। हर दिन हम नई तकनीकें खोज रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट रूप से बताया है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए। इसलिए अपनी स्वयं की विचार प्रक्रियाओं को फिर से तय करने के लिए बहुत काम करने की आवश्यकता है, जो पहले से ही चल रही है। भविष्य में भी हम एक राष्ट्र के रूप में माल वितरित करने में सक्षम होंगे और हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे। AMCA- उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान को निजी उद्योग की भागीदारी के लिए भी मंजूरी दे दी गई है, जो एक बहुत बड़ा कदम है। यह उस तरह का विश्वास है जो आज देश को निजी उद्योग पर है और मुझे यकीन है कि यह भविष्य में आने वाली बड़ी चीजों का मार्ग प्रशस्त करेगा।’</p>
<p><strong>युद्ध का चरित्र तेजी से बदला है और ऐसा होता रहेगा: नौसेना प्रमुख<br />
</strong>इससे पहले सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, ‘…युद्ध का चरित्र तेजी से बदला है और ऐसा होता रहेगा। सबसे पहले युद्ध और शांति के बीच की रेखाएं तेजी से धुंधली होती जा रही हैं। दूसरे, वाणिज्यिक प्रौद्योगिकी युद्ध को लोकतांत्रिक बनाती है, जिससे यह गैर-सरकारी लोगों के लिए उपलब्ध हो जाता है। अंत में, सटीकता के युग में प्रवेश करते हुए, जहां अत्यधिक सटीक क्षमताएं और बड़ी संख्या दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। हम यह भी जानते हैं कि आतंकी कृत्यों जैसे गैर-पारंपरिक खतरे व्यापक संघर्ष में बदल सकते हैं। बिना युद्ध विराम के संघर्ष छेड़ने के लिए अंतरिक्ष और साइबर डोमेन के साथ-साथ गैर-संपर्क युद्ध का उपयोग एक नई वास्तविकता है।’</p>
<p>एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा, ‘…प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सागर’ क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास का स्पष्ट आह्वान किया। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए दृष्टि को सही मायने में ‘महासागर’ क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास की पारस्परिक और समग्र उन्नति तक बढ़ाया गया है।’</p>
<p><strong>डीआरडीओ के अध्यक्ष ने क्या कहा?<br />
</strong>सम्मेलन में डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने कहा, ‘हमें अनुसंधान एवं विकास में और अधिक निवेश करने की आवश्यकता है। आज हम अपने रक्षा बजट का 5 प्रतिशत अनुसंधान एवं विकास पर खर्च करते हैं। रक्षा मंत्री ने हमसे वादा किया है कि अगले पांच वर्षों में इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर रक्षा बजट का 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा।’</p>
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		<title>दिल्ली में धरे गए 92 बांग्लादेशी घुसपैठिए, घर-घर जाकर पुलिस कर रही तलाश</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147042/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 May 2025 09:53:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने अवैध मार्गों से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। उनमें से कुछ ने भारत-बांग्लादेश सीमा को नदियों के रास्ते पार किया, जबकि अन्य ने सीमा पर बाड़बंदी के बीच अंतराल के माध्यम से घुसपैठ की। दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने अवैध मार्गों से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। उनमें से कुछ ने भारत-बांग्लादेश सीमा को नदियों के रास्ते पार किया, जबकि अन्य ने सीमा पर बाड़बंदी के बीच अंतराल के माध्यम से घुसपैठ की।</p>
<p>दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे 92 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही, 26 दिसंबर 2024 से अब तक जिले में हिरासत में लिए गये बांग्लादेशी नागरिकों की कुल संख्या 142 हो गई है। हाल ही में दक्षिण-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों का पता लगाने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए 10 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया था। खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए और स्थानीय मुखबिरों की मदद से कई संवेदनशील इलाकों में घर-घर जाकर लोगों का सत्यापन किया गया।</p>
<p>दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान सरोजिनी नगर, किशनगढ़, सफदरजंग एनक्लेव, वसंत कुंज (उत्तर और दक्षिण), कापसहेड़ा, पालम गांव, दिल्ली छावनी और सागरपुर जैसे इलाकों से 88 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान बांग्लादेशी ये नागरिक भारत में रहने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। कई लोगों के पास उनके बांग्लादेशी नागरिक होने के दस्तावेज पाए गए हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने अवैध मार्गों से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। उनमें से कुछ ने भारत-बांग्लादेश सीमा को नदियों के रास्ते पार किया, जबकि अन्य ने सीमा पर बाड़बंदी के बीच अंतराल के माध्यम से घुसपैठ की। उनमें से अधिकांश कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और दिहाड़ी मजदूर और घरेलू सहायक के रूप में काम करते थे।</p>
<p><strong>दंपती व दो बच्चों को पकड़ा गया<br />
</strong>उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि एक अलग अभियान में, पुलिस ने दिल्ली छावनी क्षेत्र से एक बांग्लादेशी दंपती और उसके दो बच्चों को पकड़ा। इनकी पहचान मोहम्मद असद अली (44), उसकी पत्नी नसीमा बेगम (40), बेटे मोहम्मद नईम खान (18) और बेटी आशा मोनी (13) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि यह परिवार पिछले 12 सालों से दिल्ली छावनी क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहा था। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने पिछले साल दिसंबर से अब तक 142 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।</p>
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		<title>देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले, केरल में सबसे ज्यादा, महाराष्ट्र में 208 केस</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147017/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 May 2025 06:30:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के एक्टिव केसों की संख्या 1010 हो गई है। बताया जा रहा इनमें सबसे ज्यादा मामले केरल से सामने आए हैं। केरल में कोरोना के 430 मामले हो गए हैं। वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के 208 मामले हैं। बता दें दिल्ली में 104, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के एक्टिव केसों की संख्या 1010 हो गई है। बताया जा रहा इनमें सबसे ज्यादा मामले केरल से सामने आए हैं। केरल में कोरोना के 430 मामले हो गए हैं। वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के 208 मामले हैं।</p>
<p>बता दें दिल्ली में 104, कर्नाटक में 100 और गुजरात में 83 केस हैं। वहीं राजस्थान में 32, मपी में 5 और यूपी में 30 मामले सामने आए। साथ ही आंध्र प्रदेश में कोरोना के अभी तक 2 एक्टिव केस हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">11 मरीजों की मौत</h2>
<p>महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। कुल मृतक की संख्या 12 पहुंच गई है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">क्या खतरनाक है कोरोना का नया वेरिएंट?</h2>
<p>कोरोना का नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की निगरानी में हैं और अभी तक चिंता का कोई कारण नहीं बताया गया है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">यूपी में कितने केस?</h2>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के फिरोजपुर में कोरोना से एक शख्स की मौत भी हो गई। फिलहाल यूपी में कोरोना के 30 एक्टिव केस हैं। पंजाब राज्य की अगर बात करें तो पंजाब के फिरोजपुर में कोरोना का पहला मामला सामने आया।</p>
<p>कोविड के बढ़ते मामले को लेकर राज्य सरकारें एक्टिव हो गई हैं और सभी से सावधानी बरतने का आग्रह कर रही हैं। राजस्थान में भी सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">राजस्थान में स्वास्थ्य मंत्री का बयान</h2>
<p>राजस्थान के स्वास्थ्य अधिकारियों को जयपुर में कोविड से संबंधित मौत के बाद शांति बनाए रखने और अनावश्यक दहशत पैदा करने से बचने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने कहा कि मौजूदा कोविड वैरिएंट को घातक नहीं माना जाता है और कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।यूपी में कर्मचारियों की योग्यता के आधार पर पदों पर भर्ती की जाएगी। यूपी स्वास्थ्य विभाग के एक बयान के अनुसार, लैब असिस्टेंट, डेटा एनालिस्ट, ओटी तकनीशियन समेत विभिन्न पदों के लिए योग्यता के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कोरोना का JN.1 वेरिएंट</h2>
<p>बात करें अगर कोरोना के वेरिएंट की तो भारत में कोरोना का JN.1 वेरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वेरिएंट मिलता है। बताया जा रहा इस वेरिएंट में आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और ये कुछ हफ्तों तक रह सकता है।</p>
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		<title>अन्ना यूनिवर्सिटी में रेप मामले में अदालत का बड़ा फैसला, ज्ञानशेखरन दोषी करार</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/147014/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 May 2025 06:18:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[चेन्नई में दिसंबर 2024 में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया था। अब इस मामले में चेन्नई की एक महिला अदालत ने अन्ना विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना को लेकर आरोपी ज्ञानशेखरन दो दोषी करार दिया है। कब मिलेगी सजा? अदालत ने माना है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चेन्नई में दिसंबर 2024 में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया था। अब इस मामले में चेन्नई की एक महिला अदालत ने अन्ना विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना को लेकर आरोपी ज्ञानशेखरन दो दोषी करार दिया है।</p>
<p><strong>कब मिलेगी सजा?<br />
</strong>अदालत ने माना है कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप सच है इसलिए ज्ञानशेखरन को दोषी करार दिया गया है। इस मामले को लेकर न्यायाधीश दो जून को फैसला सुनाने वाली हैं।</p>
<p>हालांकि, आरोपी को क्या सजा होगी, इसे लेकर महिला अदालत की न्यायाधीश राजलक्ष्मी 2 जून को अपना फैसला सुनाएंगी। बता दें, इस मामले के आरोपी व्यक्ति के तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक के साथ कथित संबंधों की वजह से राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया था।</p>
<p><strong>एमके स्टालिन की सफाई<br />
</strong>हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसी साल जनवरी के महीने में कहा था कि ज्ञानशेखरन सिर्फ एक समर्थक था, वह द्रमुक का सदस्य नहीं था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत से बातचीत और सुलह के लिए गिड़गिड़ा रहा पाक</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/NewsArticle/146981/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 May 2025 06:57:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर, आतंकवाद, जल एवं व्यापार समेत सभी मुद्दों के समाधान के लिए सोमवार को भारत के साथ शांति वार्ता की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने यह इच्छा चार देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ईरान पहुंचने के बाद व्यक्त की। भारत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर, आतंकवाद, जल एवं व्यापार समेत सभी मुद्दों के समाधान के लिए सोमवार को भारत के साथ शांति वार्ता की इच्छा व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने यह इच्छा चार देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ईरान पहुंचने के बाद व्यक्त की।</p>
<h2 class="wp-block-heading">भारत से शांति वार्ता चाहते हैंः शहबाज</h2>
<p>तुर्किए से ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचने के बाद शहबाज <strong>(India Pakistan conflict)</strong> ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मुलाकात की। बाद में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शहबाज ने कहा कि वह शांति की खातिर भारत के साथ बातचीत को तैयार हैं। साथ ही भारत द्वारा युद्ध का रास्ता चुनने पर जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी।</p>
<h2 class="wp-block-heading">शहबाज ने फिर किया फर्जी जीत का दावा</h2>
<p>शहबाज ने कहा, ”अगर वे आक्रामक बने रहना चुनते हैं, तो हम अपने क्षेत्र की रक्षा करेंगे.. जैसा हमने कुछ दिन पहले किया है। लेकिन अगर वे शांति के मेरे प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो हम दिखाएंगे कि हम वास्तव में गंभीरता एवं ईमानदारी से शांति चाहते हैं।” शहबाज ने दावा किया कि भारत के साथ चार दिवसीय संघर्ष में पाकिस्तान विजयी रहा।</p>
<h2 class="wp-block-heading">भारत दे चुका साफ संदेश</h2>
<p>उल्लेखनीय है कि भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल उसके कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा।शहबाज ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पेजेश्कियन की ¨चता की सराहना भी की। साथ ही इस दौरान पाकिस्तान का दौरा करने के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची को सराहा और उन्हें उत्कृष्ट राजनयिक कहा।</p>
<p>शहबाज के साथ उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, आंतरिक मंत्री मोहसिन रजा नकवी, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और प्रधानमंत्री के विशेष सहायक तारिक फातमी भी गए हैं।</p>
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