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	<title>सेहत &#8211; Bharat Ki Tasveer</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
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		<title>द‍िमाग को हेल्‍दी बनाए रखेंगी ये 5 अच्‍छी आदतें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हर साल 8 जून को World Brain Tumor Day 2025 मनाया जाता है। इस द‍िन लोगों काे इस गंभीर बीमारी के प्रत‍ि जागरुक क‍िया जाता है। ये एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को चपेट में ले सकती है। कहते हैं क‍ि अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज न क‍िया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="762" height="428" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-111353.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-111353.png 762w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-111353-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 762px) 100vw, 762px"></p>
<p>हर साल 8 जून को World Brain Tumor Day 2025 मनाया जाता है। इस द&#x200d;िन लोगों काे इस गंभीर बीमारी के प्रत&#x200d;ि जागरुक क&#x200d;िया जाता है। ये एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को चपेट में ले सकती है। कहते हैं क&#x200d;ि अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज न क&#x200d;िया जाए तो ये जानलेवा हो सकती है। ये बीमारी तब होती है जब द&#x200d;िमाग या उसके आसपास के सेल्&#x200d;स की असामान्य तरीके से वृद्धि होने लगती है।</p>
<p>कुछ ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ते हैं जाे क&#x200d;ि Non Cancerous होते, वहीं कुछ जानलेवा हो सकते हैं। ये बीमारी होने के पीछे आपकी कुछ आदतें भी ज&#x200d;िम्&#x200d;मेदार हो सकती हैं। इसके लक्षणों में तेज स&#x200d;िर दर्द, धुंधला द&#x200d;िखाई देना, बैलेंस बनाने में द&#x200d;िक्&#x200d;कत होना जैसी कई चीजें शाम&#x200d;िल हैं। आज का हमारा लेख भी इसी व&#x200d;िषय पर है। हम आपको अपने इस लेख में ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही ये भी बताएंगे क&#x200d;ि आप कौन सी आदतें अपनानी चाह&#x200d;िए ज&#x200d;िससे ब्रेन ट्यूमर का खतरा कम हो सके। आइए जानते हैं व&#x200d;ि&#x200d;स्&#x200d;तार से –</p>
<p>आपको बता दें क&#x200d;ि ब्रेन ट्यूमर होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है। इसल&#x200d;िए जरूरी है कि सही डाइट, नींद, व्यायाम और तनाव को मैनेज करके हम अपने द&#x200d;िमागी स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।</p>
<p><strong>ब्रेन ट्यूमर के लक्षण</strong><br />लगातार सिरदर्द होना</p>
<p>मतली और उल्टी</p>
<p>आंख से धुंधला दिखाई देना</p>
<p>चिड़चिड़ापन होना</p>
<p>वॉक करने में द&#x200d;िक्&#x200d;कत होना</p>
<p>दौरे आना</p>
<p>बोलने में कठिनाई</p>
<p>बैलेंस बनाने में द&#x200d;िक्&#x200d;कत होना</p>
<p>बार-बार चीजों को भूल जाना</p>
<p>द&#x200d;िमाग को हेल्&#x200d;दी बनाए रखेंगी ये अच्&#x200d;छी आदतें</p>
<p><strong>हेल्&#x200d;दी डाइट लें</strong><br />आप जो भी खाते हैं उसका सीधा असर आपके द&#x200d;िमाग पर भी पड़ता है। ऐसे में आपको अखरोट और फ्लैक्&#x200d;स सीड्स को जरूर खाना चाह&#x200d;िए। इनमें Omega 3 Fats की अच्&#x200d;छी मात्रा पाई जाती है। ये द&#x200d;िमाग की नसों को हेल्&#x200d;दी बनाए रखते हैं। इसके अलावा अनार और अमरूद भी द&#x200d;िमाग के ल&#x200d;िए फायदेमंद होते हैं।</p>
<p><strong>नींद पूरी करें</strong><br />आपके द&#x200d;िमाग को भी आराम की जरूरत होती है। ताक&#x200d;ि वो मेमोरी को स्टोर कर सके। वहीं टॉक्&#x200d;स&#x200d;िन्&#x200d;स को बाहर न&#x200d;िकाल सके। ऐसे में अगर आप देर रात तक जगते हैं तो इससे आपका द&#x200d;िमाग भी एक्&#x200d;ट&#x200d;िव रहता है। डॉक्टर भी सात से आठ घंटे नींद लेने की सलाह देते हैं। आप द&#x200d;िन में भी Short Nap ले सकते हैं। इससे भी आपके द&#x200d;िमाग को आराम मि&#x200d;लेगा।</p>
<p><strong>वर्कआउट जरूरी</strong><br />एक्&#x200d;सरसाइज करना स&#x200d;िर्फ आपके शरीर के ल&#x200d;िए ही नहीं, बल्कि द&#x200d;िमाग की सेहत के ल&#x200d;िए भी जरूरी है। वॉक&#x200d;िंग, योगा, साइक&#x200d;िल&#x200d;िंग करने से ब्&#x200d;लड सर्कुलेशन बेहतर तरीके से हो पाता है। इससे द&#x200d;िमाग में ब्&#x200d;लड फ्लाे बेहतर होता है। साथ ही ये मेमोरी को भी बूस्ट करता है।</p>
<p><strong>न लें तनाव</strong><br />अगर आप तनाव लेते हैं या फ&#x200d;िर अकेलेपन का श&#x200d;िकार हैं तो इससे आपके ब्रेन को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में आप अपने खास लोगों से बातचीत कर सकते हैं। ये आपकाे अकेलेपन से उबरने में मदद करेगा।</p>
<p><strong>द&#x200d;िमाग को रखें एक्&#x200d;ट&#x200d;िव</strong><br />द&#x200d;िमाग को एक्&#x200d;ट&#x200d;िव बनाए रखने के ल&#x200d;िए आप छोटे-छोटे क्&#x200d;व&#x200d;िज में पार्टिस&#x200d;िपेट कर सकते हैं। आप क&#x200d;िताबें पढ़ सकते हैं। पजल्&#x200d;स सॉल्&#x200d;व कर सकते हैं। नई-नई चीजों को सीख सकते हैं। ये सभी आदतें आपके द&#x200d;िमाग को हेल्&#x200d;दी बनाए रखने में मदद करेंगे।</p>
</div>
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		<item>
		<title>शरीर से Uric Acid को बाहर निकाल फेकेंगे ये ‘जादुई’ योगासन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसे संतुलित आहार और नियमित योग से कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ विशेष योगासन शरीर से टॉक्सिन्स निकालने, किडनी की कार्यक्षमता सुधारने और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="761" height="425" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-111711.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसे संतुलित आहार और नियमित योग से कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ विशेष योगासन शरीर से टॉक्सिन्स निकालने, किडनी की कार्यक्षमता सुधारने और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं कुछ आसान योगासन और इन्हें करने के सही तरीकों के बारे में-</p>
<p><strong>वज्रासन</strong><br />वज्रासन, एकमात्र योगासन है जिसे भोजन के बाद किया जा सकता है, क्योंकि ये पाचन सुधारता है और यूरिक एसिड के निर्माण को रोकता है। इसे करने के लिए घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें, रीढ़ को सीधा रखें और हाथ घुटनों पर रखें। गहरी सांस लें और कम से कम 5-10 मिनट तक इस मुद्रा में रहें। इसका नियमित अभ्यास डाइजेशन को सुधारता है और यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकता है।</p>
<p><strong>बालासन</strong><br />बालासन योगासन शरीर को रिलैक्स महसूस कराता है और जोड़ों की जकड़न कम करता है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठें और धीरे-धीरे आगे झुकते हुए माथे को जमीन पर टिकाएं। बाजुओं को आगे की ओर फैलाएं और गहरी सांस लें। इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। इसका नियमित अभ्यास यूरिक एसिड को कम करने में सहायक होता है।</p>
<p><strong>भुजंगासन</strong><br />ये आसन किडनी को सक्रिय करता है, जिससे शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकलने में मदद मिलती है। इसे करने के लिए पेट के बल लेटें, दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे सिर व छाती को ऊपर उठाएं। इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।</p>
<p><strong>अर्ध मत्स्येन्द्रासन</strong><br />ये योगासन लीवर और किडनी को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इसे करने के लिए दाएं पैर को मोड़कर बाईं जांघ के पास रखें और बायां हाथ दाएं घुटने पर रखें। शरीर को दाईं ओर मोड़ें और 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। फिर दूसरी दिशा में दोहराएं।</p>
<p><strong>सेतुबंधासन</strong><br />सेतुबंधासन ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटें, घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें। हाथों को शरीर के पास रखते हुए धीरे-धीरे कमर को ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में 20-30 सेकंड तक रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।</p>
<p><strong>पवनमुक्तासन</strong><br />पवनमुक्तासन पाचन को सुधारता है और शरीर से गैस और विषैले पदार्थ निकालकर यूरिक एसिड को नियंत्रित करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटें, घुटनों को मोड़ें और उन्हें छाती से सटाएं। हाथों से घुटनों को पकड़ें और सिर को ऊपर उठाएं। इस मुद्रा को 30 सेकंड तक बनाए रखें।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नाइट शिफ्ट करने वालों के लिए डॉक्टर के बताए 3 Sleep Hacks</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Jun 2025 08:25:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[अगर आप भी नाइट शिफ्ट करते हैं और अच्छी नींद के लिए तरसते हैं, तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, दिन में सोना रात की नींद से बहुत अलग होता है, क्योंकि इस समय घर में होने वाला शोर, रोशनी और बॉडी की इंटरनल क्लॉक का बदलना नींद को मुश्किल बना देता है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आप भी नाइट शिफ्ट करते हैं और अच्छी नींद के लिए तरसते हैं, तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, दिन में सोना रात की नींद से बहुत अलग होता है, क्योंकि इस समय घर में होने वाला शोर, रोशनी और बॉडी की इंटरनल क्लॉक का बदलना नींद को मुश्किल बना देता है।</p>
<p>हालांकि, अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। जी हां, हार्वड के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे तरीके   बताए हैं, जिनसे आप दिन में भी गहरी और सुकून भरी नींद ले सकते हैं। आइए जानें।</p>
<p><strong>ब्लैकआउट पर्दे का करें इस्तेमाल</strong><br />
जब आप दिन में सोने की कोशिश करते हैं, तो सबसे बड़ी चुनौती होती है रोशनी। सूरज की रोशनी हमारे शरीर को जगाने का संकेत देती है, जिससे नींद आना मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे आसान और असरदार उपाय है ब्लैकआउट पर्दे (Blackout Curtains)। ये पर्दे आपके कमरे को पूरी तरह से अंधेरा कर देते हैं, जैसे रात हो। ऐसे में, जितना अंधेरा होगा, आपका दिमाग उतना ही आसानी से समझेगा कि यह सोने का समय है। इससे मेलाटोनिन यानी नींद वाले हार्मोन का प्रोडक्शन बेहतर होगा और आपको गहरी नींद आएगी।</p>
<p><strong>ब्लू-लाइट से बचें</strong><br />
आजकल हम सभी स्क्रीन से घिरे हुए हैं। चाहे वह कंप्यूटर हो, टैबलेट हो या स्मार्टफोन। इन सभी से Blue Light निकलती है, जो हमारी नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। बता दें, ब्लू लाइट हमारे शरीर की मेलाटोनिन की उत्पादन क्षमता को कम करती है, जिससे हमें नींद आने में दिक्कत होती है।</p>
<p>डॉक्टर के मुताबिक बेहतर होगा कि आप अपनी नाइट शिफ्ट के दौरान ब्लू-लाइट ब्लॉकिंग ग्लासेज (Blue-Light Blocking Glasses) पहनें। ये चश्मे ब्लू लाइट को आपकी आंखों तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे आपकी नींद का पैटर्न कम बिगड़ता है। इसके अलावा सोने से पहले अपने फोन का इस्तेमाल कम से कम करें, लेकिन अगर जरूरी हो, तो ब्लू-लाइट फिल्टर ऑन रखें। जी हां, ज्यादातर स्मार्टफोन में यह सेटिंग होती है।</p>
<p><strong>सोने से 6 घंटे पहले कैफीन से बनाएं दूरी</strong><br />
कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक – ये सभी कैफीन के सोर्स हैं, जो आपको एक्टिव रखते हैं। नाइट शिफ्ट में काम करते हुए आपको इनकी जरूरत महसूस हो सकती है, लेकिन याद रखें कि कैफीन का असर लंबे समय तक रहता है। इसलिए, डॉक्टर सलाह देते हैं कि अपनी सोने की टाइमिंग से कम से कम 6 घंटे पहले कैफीन का सेवन बंद कर दें।</p>
<p>अगर आप अपनी शिफ्ट खत्म होने के तुरंत बाद सोने वाले हैं, तो इसका मतलब है कि आपको शिफ्ट के आखिरी कुछ घंटों में कैफीन से पूरी तरह बचना होगा। कैफीन आपके नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है और आपको सोने नहीं देता, चाहे आप कितने भी थके हुए क्यों न हों।</p>
<p>इन 3 आसान स्लीप हैक्स को अपनाकर आप अपनी नाइट शिफ्ट के बाद भी गहरी और सुकून भरी नींद ले सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लगातार बढ़ रहे Covid-19 के मामले, लक्षण नजर आने पर करें ये 5 काम, तुरंत बूस्‍ट होगी Immunity</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 09:08:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[कोविड-19 (COVID-19) के मामले फिर से दुनियाभर में बढ़ने लगे हैं। कोविड-19 तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इससे बचाव बेहद जरूरी है। इंड‍िया में कोव‍िड 19 के मामले इतनी तेजी से बढ रहे हैं क‍ि हर रोज मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। इस समय देश में कोविड के एक्टिव मामलों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कोविड-19 (COVID-19) के मामले फिर से दुनियाभर में बढ़ने लगे हैं। कोविड-19 तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इससे बचाव बेहद जरूरी है। इंड&#x200d;िया में कोव&#x200d;िड 19 के मामले इतनी तेजी से बढ रहे हैं क&#x200d;ि हर रोज मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। इस समय देश में कोविड के एक्टिव मामलों की संख्या तीन हजार पार कर गई है। वहीं शुक्रवार और शनिवार को कोरोना वायरस से 4 मौतें भी हुईं हैं।</p>
<p>बीते द&#x200d;ि&#x200d;नों यानी क&#x200d;ि एक जून को कोविड के 3758 एक्टिव मामले दर्ज किए गए। पिछले हफ्ते की तुलना में कोरोना वायरस के केस में ज्&#x200d;यादा बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं राजधानी द&#x200d;िल्&#x200d;ली की बात करें तो पिछले दो दिन से कोव&#x200d;िड के केस बढ़े हैं। 24 घंटे में ही कोरोना के 61 नए मामले सामने आए हैं। कोव&#x200d;िड से बचने का एकमात्र जर&#x200d;िया है क&#x200d;ि आप सावधानी बरतें। इनके हल्&#x200d;के लक्षण भी नजर आएं तो आपको सावधान हो जाना चाह&#x200d;िए।</p>
<p>आज हम आपको अपने इस लेख में कोव&#x200d;िड 19 के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आपमें इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुंरत डॉक्&#x200d;टर से संपर्क करें। साथ ही आप कुछ घरेलू तरीके भी अपना सकते हैं, ये आपकी इम्&#x200d;युन&#x200d;िटी को बूस्&#x200d;ट करने में मदद करेंगे। इससे कोव&#x200d;िड का खतरा भी कम होगा। आइए जानते हैं व&#x200d;िस्&#x200d;तार से –</p>
<p><strong>कोव&#x200d;िड-19 के लक्षण</strong><br />
हल्का बुखार या ठंड लगना</p>
<p>सूखी खांसी</p>
<p>गले में खराश</p>
<p>थकान</p>
<p>सिर दर्द</p>
<p>नाक बहना</p>
<p>नाक का बंद होना</p>
<p>मसल्&#x200d;स में ऐंठन</p>
<p>सांस लेने में परेशानी</p>
<p><strong>कैसे करें बचाव?</strong><br />
गुनगुने पानी से गरारा करें- अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो रहा है तो आपको गुनगुने पानी से गरारा करना चाह&#x200d;िए। द&#x200d;िन में दो से तीन बार गरारा करने से इन्&#x200d;फेक्&#x200d;शन का खतरा कम हो जाता है। बस ध्&#x200d;यान रखें क&#x200d;ि इस पानी में चुटकी भर नमक म&#x200d;िला लें।</p>
<p>तुलसी और अदरक की चाय- ये चाय औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इससे खांसी और जुकाम से राहत म&#x200d;िलता है। से बलगम भी नि&#x200d;कालती है। साथ ही ये शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करता है।</p>
<p><strong>ग&#x200d;िलोय का काढ़ा-</strong> अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो सुबह और शाम ग&#x200d;िलाेय का काढ़ा पीना शुरू कर दें। इससे शरीर की रोग प्रत&#x200d;िरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही ये बुखार और बदन दर्द से भी राहत द&#x200d;िलाएगा।</p>
<p><strong>खूब पानी प&#x200d;िएं-</strong> क&#x200d;िसी भी बीमारी से बचने के ल&#x200d;िए सलाह दी जाती है क&#x200d;ि आप चार से पांच लीटर पानी प&#x200d;िएं ताक&#x200d;ि आपकी बॉडी हाइड्रेट रहे। अगर आप कोव&#x200d;िड 19 से खुद का बचाव करना चाह&#x200d;ते हैं तो गुनगुना पानी, नार&#x200d;ियल का पानी, हर्बल ड्र&#x200d;िंक जैसी चीजों को पीना शुरू कर दें।</p>
<p><strong>अजवाइन की चाय-</strong> अगर सीने में भारीपन महसूस हो या फि&#x200d;र खांसी की समस्&#x200d;या है तो ये भी कोरोना के लक्षण हैं। ऐसे में अजवाइन की चाय फायदेमंद हो सकती है। ये कफ को बाहर न&#x200d;िकालता है। साथ ही शरीर को भी गर्म रखता है। इसे द&#x200d;िन में दो बार पी सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>मेंटल हेल्थ से लेकर अस्थमा तक, इन 5 बीमारियों में असरदार है Meditation</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 09:02:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में हर कोई तनाव से जूझ रहा है। तनाव के पीछे कई कारण ज‍िम्‍मेदार हो सकते हैं। काम का बोझ, पर‍िवार में कलह और पैसों की कमी के कारण लोग तनाव का श‍िकार होते जा रहे हैं। अच्‍छी लाइफ के ल‍िए मन का शांत होना सबसे ज्‍यादा जरूरी है। तनाव, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल की भागदौड़ भरी ज&#x200d;िंदगी में हर कोई तनाव से जूझ रहा है। तनाव के पीछे कई कारण ज&#x200d;िम्&#x200d;मेदार हो सकते हैं। काम का बोझ, पर&#x200d;िवार में कलह और पैसों की कमी के कारण लोग तनाव का श&#x200d;िकार होते जा रहे हैं। अच्&#x200d;छी लाइफ के ल&#x200d;िए मन का शांत होना सबसे ज्&#x200d;यादा जरूरी है। तनाव, अनहेल्&#x200d;दी लाइफस्&#x200d;टाइल और नींद की कमी के कारण लोग कई बीमार&#x200d;ियों का श&#x200d;िकार हो रहे हैं।</p>
<p>इन सबसे बचने के ल&#x200d;िए लोगों को एक्&#x200d;सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। आपको बता दें क&#x200d;ि मेड&#x200d;िटेशन से भी आप कई बीमार&#x200d;ियों के खतरे को कम कर सकते हैं। मेड&#x200d;िटेशन एक नेचुरल थेरेपी है। इसमें न आपको क&#x200d;िसी दवा की जरूरत होती है और न ही क&#x200d;िसी साइड इफेक्&#x200d;ट का खतरा रहता है। आज हम आपको मेड&#x200d;िटेशन करने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही ये भी जानेंगे क&#x200d;ि आप मेड&#x200d;िटेशन से क&#x200d;िन बीमारि&#x200d;यों में राहत पा सकते हैं। आइए जानते हैं व&#x200d;िस्&#x200d;तार से-</p>
<p><strong>अल्&#x200d;जाइमर</strong><br />
आज के समय में लोग तनाव का श&#x200d;िकार होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर हमारे द&#x200d;िमाग पर पड़ता है। ऐसे में लाेग चीजों को भूलने लगते हैं। ये समस्या धीरे-धीरे अल्&#x200d;जाइमर का रूप ले लेती है। इसमें इंसानों को कुछ भी याद नहीं रहता है। इस खतरे को कम करना चाहते हैं तो अभी से मेड&#x200d;िटेशन को रूटीन का ह&#x200d;िस्&#x200d;सा बना लें। इससे आपको जबरदस्&#x200d;त फायदा म&#x200d;िलेगा। आप रोजाना 10 म&#x200d;िनट मेड&#x200d;िटेशन करें।</p>
<p><strong>कैंसर में मन का मजबूत होना जरूरी</strong></p>
<p>अगर कोई कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो ज&#x200d;ितना उसे शरीर&#x200d;िक कष्&#x200d;ट का सामना करना पड़ता है, इन सबको फेस करने के ल&#x200d;िए आपकी मानस&#x200d;िक स्&#x200d;थि&#x200d;त&#x200d;ि मजबूत होनी चाह&#x200d;िए। कई लोग इस बीमारी से इतना डर जाते हैं क&#x200d;ि ड&#x200d;िप्रेशन और तनाव में चले जाते हैं। ऐसे में अगर आप मेड&#x200d;िटेशन करेंगे तो आपकी मेंटल कंडीशन में सुधार होगा।</p>
<p><strong>अस्&#x200d;थमा और सांस से जुड़ी बीमारी</strong><br />
अगर आप अस्&#x200d;थमा या सांस से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं तो भी आपकाे मेड&#x200d;िटेशन जरूर करना चाह&#x200d;िए। इस बीमारी में मरीज को बार-बार सांस फूलने की समस्&#x200d;या हो जाती है। कई बार तो बेचैनी या घबराहट भी होने लगती है। मेड&#x200d;िटेशन करने से शरीर में ऑक्&#x200d;सीजन सही मात्रा में पहुंच पाती है। अगर आप इनहेलर का इस्&#x200d;तेमाल क&#x200d;िए ब&#x200d;िना नहीं रह पाते हैं तो आपको मेडि&#x200d;टेशन जरूर करना चाह&#x200d;िए।</p>
<p><strong>मेंटल हेल्&#x200d;थ सुधारे</strong><br />
आज के समय में ज्&#x200d;यादातर लोग ड&#x200d;िप्रेशन या एंग्&#x200d;जाइटी से जूझ रहे हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना मेडिटेशन करते हैं तो डिप्रेशन और एंग्जाइटी के लक्षणों को कम कर सकते हैं। यह दिमाग में हैप्पी हार्मोन्स का बैलेंस बनाए रखता है।</p>
<p><strong>द&#x200d;िल से जुड़ी बीमारी</strong><br />
खराब लाइफस्&#x200d;टाइल के कारण द&#x200d;िल की बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। हाई बीपी, कोलेस्&#x200d;ट्रॉल से लेकर तनाव और डायब&#x200d;िटीज, सभी हार्ट ड&#x200d;िजीज को बढ़ावा देते हैं। ऐसे में आप मेडिटेशन कर सकते हैं। ये शरीर को आराम देकर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। कोलेस्&#x200d;ट्रॉल को भी संतुल&#x200d;ित रखता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।</p>
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		<title>कॉकरोच से फैलने वाली 5 बीमारियां उड़ा देंगी होश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:16:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो कॉकरोच को देखकर सिर्फ &#8216;छी-छी&#8217; करते हैं और फिर भूल जाते हैं? या शायद बड़े होकर अब आपको इनसे उतना डर नहीं लगता? अगर हां, तो रुकिए! आपका यह बेफिक्र रवैया आपको और आपके परिवार को गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकता है। कॉकरोच अपने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो कॉकरोच को देखकर सिर्फ &#8216;छी-छी&#8217; करते हैं और फिर भूल जाते हैं? या शायद बड़े होकर अब आपको इनसे उतना डर नहीं लगता? अगर हां, तो रुकिए! आपका यह बेफिक्र रवैया आपको और आपके परिवार को गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकता है।</p>



<p>कॉकरोच अपने साथ कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं। जी हां, ये सिर्फ आपके खाने पर नहीं बैठते, बल्कि घर के हर कोने में गंदगी फैलाते हैं, खासकर रात के अंधेरे में। तो अगली बार जब आप किसी कॉकरोच को देखें, तो उससे फैलने वाली इन 5 गंभीर बीमारियों के बारे में जरूर सोचें।</p>



<p><strong>टाइफाइड</strong> कॉकरोच के जरिए फैलने वाला Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया टाइफाइड का कारण बनता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, कमजोरी, कब्ज या दस्त शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 1 से 3 दिन के भीतर सामने आ सकते हैं। आराम और जरूरी दवाइयों से इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन समय पर इसे पहचान बहुत जरूरी है।</p>



<p><strong>फूड प्वाइजनिंग</strong> फूड प्वाइजनिंग कॉकरोच से जुड़ी सबसे आम समस्या है। अगर आप अनजाने में उस खाने या पानी का सेवन कर लें जिसमें कॉकरोच के कीटाणु पहुंच चुके हैं, तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसे लक्षण दिख सकते हैं। हल्के मामलों में ORS और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर राहत पाई जा सकती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाएं भी लेनी पड़ सकती हैं।</p>



<p><strong>गंदगी से पनपने वाली बीमारी</strong> हैजा मुख्य रूप से तब होता है जब सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता। कॉकरोच ऐसे बैक्टीरिया फैला सकते हैं जो हैजा का कारण बनते हैं। इसका मुख्य लक्षण जरूरत से ज्यादा पतले दस्त होते हैं, जिससे शरीर में पानी की भारी कमी हो सकती है। ऐसे में IV फ्लूइड और दवाइयों की जरूरत होती है</p>



<p><strong>गैस्ट्रोएन्टेराइटिस और एलर्जी</strong> गैस्ट्रोएन्टेराइटिस यानी पेट की सूजन भी कॉकरोच से जुड़ी समस्या है। इसमें उल्टी, दस्त और पेट में बेचैनी महसूस होती है। वहीं, कॉकरोच की लार, मल और शरीर के टुकड़े हवा में मिलकर अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। खासकर बच्चों में छींक आना, खांसी और सांस की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसके लिए डॉक्टर एंटीहिस्टामिन और इनहेलर की सलाह दे सकते हैं।</p>



<p><strong>खून वाले दस्त और पेट में मरोड़</strong> डिसेंट्री, जिसे आम भाषा में खून वाले दस्त कहा जाता है, कॉकरोच के कारण फैलने वाले Shigella बैक्टीरिया या अमीबा से हो सकता है। इस बीमारी में पेशेंट को बार-बार खून वाले दस्त, पेट में तेज दर्द और बुखार हो सकता है। इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से संभव है, लेकिन देरी बीमारी को बढ़ा सकती है।</p>



<p><strong>बचाव ही है सबसे अच्छा इलाज</strong> कॉकरोच से होने वाली बीमारियों से बचाव आसान है, बशर्ते आप कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें:</p>



<p>घर की नियमित सफाई करें, खासकर रसोई और बाथरूम की।</p>



<p>कूड़ेदानों को समय-समय पर खाली और साफ करते रहें।</p>



<p>खाने-पीने की सभी चीजों को ढककर ही रखें।</p>



<p>जहां-जहां गंदगी या नमी हो सकती है, वहां विशेष सतर्कता बरतें।</p>



<p>समय-समय पर प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल करवाना न भूलें।</p>



<p>कॉकरोच जितने सामान्य लगते हैं, उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं। अब तो आप जान ही चुके होंगे कि ये छोटे जीव कैसे गंभीर बीमारियों को फैला सकते हैं, जो खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। बेहतर यही है कि हम सतर्क रहें, स्वच्छता बनाए रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>रात में बार-बार खुलती है नींद, तो सोने से पहले जरूर करें ये 5 काम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:15:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का सही तरीके से ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। घंटों ऑफ‍िस में बैठकर काम करना, अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल, वर्कआउट में कमी और खराब खानपान के कारण उन्‍हें कई द‍िक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। द‍िनभर के काम के बाद जब रात में लोग घर पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आजकल की भागदौड़ भरी ज&#x200d;िंदगी में लोग अपनी सेहत का सही तरीके से ख्&#x200d;याल नहीं रख पा रहे हैं। घंटों ऑफ&#x200d;िस में बैठकर काम करना, अनहेल्&#x200d;दी लाइफस्&#x200d;टाइल, वर्कआउट में कमी और खराब खानपान के कारण उन्&#x200d;हें कई द&#x200d;िक्&#x200d;कतों का सामना करना पड़ रहा है। द&#x200d;िनभर के काम के बाद जब रात में लोग घर पर जाते हैं तो फोन पर ज्&#x200d;यादा समय ब&#x200d;िताते हैं। वहीं कई लोग काम के बोझ से तनाव का श&#x200d;िकार हो जाते हैं। इससे सबसे पहले तो उनकी नींद ही प्रभाव&#x200d;ित होती है।</p>



<p>डॉक्&#x200d;टर भी सात से आठ घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं। जब नींद नहीं पूरी होती है तो द&#x200d;िनभर थकान बनी रहती है। काम में भी मन नहीं लगता है। बात-बात पर गुस्&#x200d;सा आने लगता है। अगर आप भी नींद न आने की समस्&#x200d;या से परेशान हैं तो हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं ज&#x200d;िन्&#x200d;हें अपनाकर आपकी आंख सीधा सुबह ही खुलेगी। आइए उन तरीकों क बारे में जानते हैं व&#x200d;िस्&#x200d;तार से-</p>



<p><strong>फोन, लैपटॉप का इस्&#x200d;तेमाल न करें</strong> रात में अगर आप चैन की नींद सोना चाह&#x200d;ते हैं तो 9 बजे के बाद फोन या लैपटॉप का इस्&#x200d;तेमाल करना बंद कर दें। इन डिवाइसों से निकलने वाली नीली रोशनी दिमाग को आराम करने से रोकती है। यह मेलाटोनिन नाम के हार्मोन को बनने से रोक देती है। इस कारण आपकी नींद पर बुरा असर पड़ता है।</p>



<p><strong>हर्बल टी प&#x200d;िएं</strong> नींद न आने की समस्या से निपटने के लिए आप सोने से पहले हर्बल टी पी सकते हैं। ये आपके द&#x200d;िमाग को शांत करती है। दरअसल, हर्बल टी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट आपको आराम फील करवाते हैं। इससे आपकाे नींद भी अच्&#x200d;छी आती है।</p>



<p><strong>गर्म और हल्&#x200d;दी वाला दूध</strong> अगर आप रातभर छत को देखते रहते हैं तो एक बार ये तरीका भी अपनाकर देख लीज&#x200d;िए। रात में सोने से पहले दूध को गर्म करें और उसमें चुटकी भर हल्&#x200d;दी का पाउडर डालकर म&#x200d;िला लें। इसके बाद इसे गुनगुना ही पी लें। ध्&#x200d;यान रहे दूध पीने के बाद थोड़ी देर की वॉक जरूर करें। वरना आपको डाइजेशन की द&#x200d;िक्&#x200d;कत हो सकती है। इससे आपको अच्&#x200d;छी नींद भी आएगी।</p>



<p><strong>हल्&#x200d;का खाना खाएं</strong> रात के समय हमें हैवी खाना खाने से बचना चाह&#x200d;िए। डॉक्&#x200d;टर भी रात को हल्&#x200d;का और आसानी से पचने वाला भोजन करने की सलाह देते हैं। सोने से दो घंटे पहले हल्&#x200d;का ड&#x200d;िनर करें, इससे आपको अच्छी नींद आएगी।</p>



<p><strong>मेड&#x200d;िटेशन भी अच्&#x200d;छा ऑप्&#x200d;शन</strong> अगर आपको नींद न आने की समस्&#x200d;या है तो आपको रात में बेड पर जाने से पहले ब्रीद&#x200d;िंग एक्&#x200d;सरसाइज जरूर करनी चाह&#x200d;िए। मेड&#x200d;िटेशन से आपका मन शांत होगा। साथ ही आप तनाव से भी खुद को बचा पाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ओरल कैंसर का खतरा कम करने के लिए गांठ बांध लें ये 5 बातें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 May 2025 06:38:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे (World No Tobacco Day 2025) तंबाकू के खतरे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। तंबाकू ओरल कैंसर का एक अहम कारण है जिससे हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। इसलिए इससे बचाव कैसे किया जाए इस बारे में जानकारी जरूरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे (World No Tobacco Day 2025) तंबाकू के खतरे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। तंबाकू ओरल कैंसर का एक अहम कारण है जिससे हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। इसलिए इससे बचाव कैसे किया जाए इस बारे में जानकारी जरूरी है। आइए जानें ओरल कैंसर से बचाव (Oral Cancer Prevention Tips) के टिप्स।</p>
<p>तंबाकू ओरल कैंसर (Oral Cancer) का अहम कारण माना जाता है। तंबाकू से बने प्रोडक्ट्स, जैसे सिगरेट मुंह के कैंसर, गले के कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और ब्लड कैंसर का कारण बनता है। मुंह के कैंसर से हर साल लाखों लोगों की जान जाती है, जिसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू या तंबाकू के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना है।</p>
<p>इसलिए इस बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे (World No Tobacco Day 2025) मनाया जाता है। आइए जानें ओरल कैंसर का खतरा कम करने (Oral Cancer Prevention Tips) के लिए किन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p><strong>ओरल कैंसर से बचने के लिए क्या करें? (Tips to Prevent Oral Cancer)</strong></p>
<p><strong>तंबाकू और स्मोकिंग से दूरी बनाएं<br />
</strong>तंबाकू और धूम्रपान ओरल कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। गुटखा, पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी और हुक्का जैसी चीजों में निकोटीन और हानिकारक केमिकल होते हैं, जो मुंह के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाते हैं। इन चीजों के नियमित इस्तेमाल से कैंसर के सेल विकसित होने लगते हैं। इसलिए अगर आप भी तंबाकू या इससे बनी चीजों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे तुरंत छोड़ दें। इसकी लत छुड़ाने के लिए डॉक्टर की मदद ले सकते हैं।</p>
<p><strong>शराब न पिएं</strong><br />
शराब पीने से भी ओरल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। शराब में मौजूद इथेनॉल मुहं के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर सेल्स के विकास को बढ़ावा देता है। इसलिए कोशिश करें कि आप बिल्कुल शराब न पिएं। थोड़ी मात्रा में शराब भी सेहत को नुकसान पहुंचाती है।</p>
<p><strong>हेल्दी डाइट लें</strong><br />
हेल्दी डाइट इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है, जो कैंसर के विकास को रोकने में काफी मददगार है। इसलिए डाइट में विटामिन-ए, सी और ई से भरपूर फूड्स, जैसे- गाजर, संतरा, पालक और ब्रोकली आदि को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स भी कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करते हैं। ये फ्री रेडिकल डैमेज को कम करते हैं, जिससे कैंसर से बचाव में मदद मिलती है।</p>
<p><strong>नियमित डेंटल और हेल्थ चेकअप करवाएं<br />
</strong>ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए नियमित डेंटल चेकअप करवाना जरूरी है। डेंटिस्ट मुंह में होने वाले छाले, सफेद या लाल धब्बे, या अन्य असामान्य बदलावों की पहचान कर सकते हैं। इसलिए हर 6 महीने पर डेंटल चेकअप जरूर करवाएं। अगर आपको मुंह में कोई घाव जो ठीक नहीं हो रहा, गले में खराश या निगलने में तकलीफ हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।</p>
<p><strong>HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) से बचाव करें<br />
</strong>HPV एक सेक्सुअली फैलने वाला वायरस है, जो ओरल कैंसर का भी बड़ा कारण है। इसलिए HPV वैक्सीन लगवाएं और सेफ सेक्सुअल प्रैक्टिसेज अपनाएं। इससे ओरल कैंसर का खतरा कम होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लिवर और किडनी में जमा गंदगी साफ करेंगे ये 5 ड्रिंक्स</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 May 2025 06:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण शरीर में टॉक्सिन्स जमा होते हैं जिससे लिवर और किडनी के फंक्शन प्रभावित होते हैं। इसलिए कुछ डिटॉक्स ड्रिंक्स (Liver Detox Drinks) को डाइट में शामिल करना चाहिए जो आपके लिवर और किडनी में जमा हो रही गंदगी को साफ करने में आपकी मदद करेंगे। हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल, प्रदूषण और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण शरीर में टॉक्सिन्स जमा होते हैं जिससे लिवर और किडनी के फंक्शन प्रभावित होते हैं। इसलिए कुछ डिटॉक्स ड्रिंक्स (Liver Detox Drinks) को डाइट में शामिल करना चाहिए जो आपके लिवर और किडनी में जमा हो रही गंदगी को साफ करने में आपकी मदद करेंगे।</p>
<p>हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल, प्रदूषण और जंक फूड्स खाने की वजह से हमारे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। शरीर की गंदगी को फिल्टर करने का काम लिवर और किडनी का होता है। इसलिए इनमें भी ये टॉक्सिन्स धीरे-धीरे जमा होने लगते हैं और इनके फंक्शन को प्रभावित करना शुरू कर देते हैं।</p>
<p>इसके कारण थकान, पाचन से जुड़ी समस्याएं और अन्य कई परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए लिवर और किडनी को डिटॉक्स (Drinks to Reduce Inflammation) करना बेहद जरूरी है। आइए जानें 5 ऐसे ड्रिंक्स (Kidney Cleansing Drinks), जो लिवर और किडनी में जमा गंदगी को साफ करने में मदद करती हैं।</p>
<p><strong>लिवर और किडनी डिटॉक्स करने के लिए ड्रिंक्स (Drinks for Liver and Kidney Detox)</strong></p>
<p><strong>नींबू और अदरक का पानी<br />
</strong>नींबू और अदरक का पानी एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरे होते हैं। ये लिवर और किडनी की सूजन को कम करते हैं, उन्हें फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हैं और पाचन को भी दुरुस्त बनाते हैं। इस ड्रिंक को पीने से लिवर और किडनी में जमा टॉक्सिनस् साफ होते हैं।</p>
<p>इस ड्रिंक को बनाने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ें और इसमें एक इंच अदरक का टुकड़ा कद्दूकस करके मिलाएं। इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं।</p>
<p><strong>हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क)<br />
</strong>हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो सूजन कम करने में मदद करता है। हल्दी में एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो शरीर को इन्फेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। हल्दी वाला दूध किडनी और लिवर में जमा गंदगी को साफ करने में मदद करता है।</p>
<p>एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं और रात को सोने से पहले पिएं।</p>
<p><strong>चुकंदर और गाजर का जूस<br />
</strong>चुकंदर लिवर में जमा गंदगी को साफ करने के लिए बेस्ट हैं। इसमें मौजूद कंपाउंड्स टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। साथ ही गाजर में मौजूद फाइबर भी लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद होता है।</p>
<p>इस जूस को बनाने के लिए एक चुकंदर और दो गाजर को ब्लेंडर में पीसकर जूस निकालें और इसमें स्वादानुसार नींबू और काला नमक मिलाकर सुबह के समय पिएं।</p>
<p><strong>ग्रीन टी</strong><br />
ग्रीन टी में कैटेचिन्स होते हैं, जो बहुत पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह फ्री रेडिकल डैमेज से बचाता है। इसके अलावा, यह डाइयूरेटिक होता है, जो यूरिन के जरिए किडनी के टॉक्सिन्स बाहर निकालता है। ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में भी मदद करता है।</p>
<p>एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी बैग को 2-3 मिनट रखें और बिना चीनी या किसी स्वीटनर के पिएं। दिनभर में आप एक से दो कप ग्रीन टी पी सकते हैं। इससे ज्यादा न पिएं।</p>
<p><strong>धनिया का पानी</strong><br />
धनिया में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करके लिवर और किडनी को हेल्दी रखता है। धनिया का पानी वजन कम करने में भी मदद करता है।</p>
<p>इस ड्रिंक को बनाने के लिए एक गिलास पानी में दो चम्मच धनिया के बीजों को रातभर भिगोकर रख दें और सुबह छानकर पी जाएं।</p>
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		<title>तेजी से पैर पसार रहा है COVID-19! सफर के वक्त रखें 5 बातों का ध्यान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 May 2025 05:28:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं खासकर केरल जैसे राज्यों में। इन द‍िनों आपको लंबे सफर पर जाने से बचना चाह‍िए। अगर बहुत जरूरी है तो ही जाएं। इस दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए। सावधानी बरतकर आप कोविड-19 से सुरक्षित रह सकते हैं। भारत में पि‍छले कुछ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं खासकर केरल जैसे राज्यों में। इन द&#x200d;िनों आपको लंबे सफर पर जाने से बचना चाह&#x200d;िए। अगर बहुत जरूरी है तो ही जाएं। इस दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्&#x200d;यान रखना चाह&#x200d;िए। सावधानी बरतकर आप कोविड-19 से सुरक्षित रह सकते हैं।</p>
<p>भारत में पि&#x200d;छले कुछ द&#x200d;िनों से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। यहां कोविड के एक्टिव केस की संख्या 1200 के पार हो गई है। कोव&#x200d;िड की पहली लहर के दौरान भी सबसे ज्&#x200d;यादा केरल राज्&#x200d;य ही प्रभाव&#x200d;ित हुआ था। इस बार भी केरल में कोव&#x200d;िड- 19 का प्रकोप देखने को म&#x200d;िल रहा है। फ&#x200d;िल्&#x200d;हाल देश की राजधानी दि&#x200d;ल्&#x200d;ली और महाराष्&#x200d;ट्र, कर्नाटक, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्&#x200d;यों में इनके सक्र&#x200d;िय मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p>लोगों में डर का माहौल है। हालांक&#x200d;ि अभी यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। ट्रेन से लेकर, बसों या फ्लाइट से लोग ट्रैवल तो कर ही रहे हैं। ऐसे में आपको जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वहीं अगर आप अपनी पर्सनल कार या फ&#x200d;िर कैब से ट्रैवल करते हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है। अब आप सोच रहे होंगे क&#x200d;ि कार के अंदर बैठने से भला क्&#x200d;या द&#x200d;िक्&#x200d;कत हो सकती है।</p>
<p>तो हम आपको बता दें क&#x200d;ि कोरोना सरफेस से बॉडी में भी ट्रांसफर होता है इसलि&#x200d;ए आपको मास्&#x200d;क पहनना जरूरी है।<br />
आज का हमारा लेख भी इसी व&#x200d;िषय पर है। आज हम आपको बताएंगे क&#x200d;ि अगर आप कोव&#x200d;िड के बढ़ते मामलों के बीच कहीं ट्रैवल कर रहे हैं तो आपको क&#x200d;िन बातों का ध्&#x200d;यान रखना चाह&#x200d;िए। ये भी बताएंगे क&#x200d;ि अभी आपको क&#x200d;िन राज्&#x200d;यों में जाने से बचना चाह&#x200d;िए। दरअसल, सावधानी ही कोवि&#x200d;ड से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। आइए जानते हैं व&#x200d;िस्&#x200d;तार से-</p>
<p><strong>मास्क पहनें</strong><br />
भले ही अभी ट्रैवल को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है, फि&#x200d;र भी आप रेलवे स्&#x200d;टेशन, बस स्&#x200d;टेशन या फ&#x200d;िर एयरपोर्ट या क&#x200d;िसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्&#x200d;क जरूर पहनें। इससे आपको कई हद त&#x200d;क सुरक्षा म&#x200d;िलेगी।</p>
<p><strong>हैंड सैनिटाइजर रखें साथ</strong><br />
अगर आप ट्रैवल कर रहे हैं तो आपको हर आधे घंटे में हाथों को सैनिटाइज करने की जरूरत है। खासकर कुछ खाने से पहले तो जरूर सैनि&#x200d;टाइज करें। इससे वायरस को रोकने में मदद म&#x200d;िलेगी।</p>
<p><strong>बंद जगहों पर जाने से बचें</strong><br />
कोव&#x200d;िड से बचने का सबसे अच्&#x200d;छा तरीका है क&#x200d;ि आप खुली जगहों पर रहें। अगर आप क&#x200d;िसी बंद जगहों पर या पार्टी में जाते हैं तो भी कोव&#x200d;िड की चपेट में आने का खतरा ज्&#x200d;यादा होता है। कुल म&#x200d;िलाकर आपको खराब वेंटिलेशन वाली जगहों पर जाने से बचना चाह&#x200d;िए।</p>
<p><strong>जरूरी दवाइयां साथ रखें</strong><br />
अगर आपको ट्रैवल करना बेहद जरूरी है तो कुछ जरूरी दवाइयां अपने साथ रखें। खासकर तब, जब आप लंबे सफर पर जा रहे हों। इसके ल&#x200d;िए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।</p>
<p><strong>हेल्&#x200d;थ की निगरानी करें</strong><br />
अगर आपको बुखार, थकान, गले में खराश और कंजेशन जैसी समस्&#x200d;या हाे रही है तो आपको तुंरत डॉक्&#x200d;टर से संपर्क करें। इसके अलावा मास्&#x200d;क का इस्&#x200d;तेमाल करें।</p>
<p><strong>यहां जाने से बचें</strong><br />
केरल<br />
कर्नाटक<br />
महाराष्&#x200d;ट्र<br />
उत्&#x200d;तराखंड<br />
आंध्र प्रदेश</p>
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