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	<title>व्यापार &#8211; Bharat Ki Tasveer</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:50 +0000</lastBuildDate>
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		<title>Pan Card नहीं कर रहा है काम, कहीं ये बंद तो नहीं हो गया? कैसे करें पता</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/pan-card-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड भी आज एक जरूरी दस्तावेज बन गया है। इसके बिना पैसों से जुड़ी स्कीम या कोई अन्य काम कर पाना मुश्किल है। लेकिन तब क्या होगा, जब पैन कार्ड ही बंद हो जाए, ऐसे में जहां भी पैन कार्ड लिंक होगा। उस योजना का लाभ पाने में परेशानी आएगी। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="752" height="357" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/kjk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड भी आज एक जरूरी दस्तावेज बन गया है। इसके बिना पैसों से जुड़ी स्कीम या कोई अन्य काम कर पाना मुश्किल है। लेकिन तब क्या होगा, जब पैन कार्ड ही बंद हो जाए, ऐसे में जहां भी पैन कार्ड लिंक होगा। उस योजना का लाभ पाने में परेशानी आएगी।</p>
<p>इसलिए ये आर्टिकल आपके लिए बड़े काम का होने वाला है। आज हम घर बैठे ही ये चेक कर सकते हैं कि पैन कार्ड बंद हो गया या नहीं। आइए इनके स्टेप्स भी देख लेते हैं।</p>
<p><strong>स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस</strong><br />पैन कार्ड से जुड़ा स्टेटस चेक करने के लिए आपको नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।</p>
<p>स्टेप 1- सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाना होगा।</p>
<p>स्टेप 2- अब यहां आपको Quick Link का ऑप्शन दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें।</p>
<p>स्टेप 3- यहां दिए गए सभी ऑप्शन में से Verify Pan Status पर क्लिक करें।</p>
<p>स्टेप 4- इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, इस पर मांगी गई जानकारी ध्यान से भरें।</p>
<p>जैसे आपको यहां पैन नंबर, पैन पर लिखा गया नाम, जन्मतिथि और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर इत्यादि भरना होगा।</p>
<p>स्टेप 5- अब Continue वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।</p>
<p>स्टेप 6- फिर आपको पैन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।</p>
<p>स्टेप 7- ओटीपी दर्ज कर Validate वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।</p>
<p>स्टेप 8- अगर आपका पैन कार्ड बंद नहीं हुआ है, तो स्क्रीन पर ये लिखा आएगा-</p>
<p>इस तरह से आप पैन कार्ड स्टेटस घर बैठे ही मोबाइल फोन पर पता कर पाएंगे। पैन कार्ड पर दिए गए नंबरों का मतलब होता है, ये नंबर आपकी निजी जानकारी से जुड़े हुए होते हैं।</p>
<p><strong>क्या है पैन नंबर का मतलब?</strong><br />पैन नंबर आपके द्वारा दी गई निजी जानकारी पर आधारित होता है। पैन नंबर के पहले तीन नंबर अंग्रेजी अक्षर होते हैं। ये AAA अक्षर से लेकर ZZZ के बीच कुछ हो सकता है।</p>
<p>चौथा अक्षर कार्ड होल्डर की टैक्स कैटेगरी को दर्शाता है। मसलन अगर कोई व्यक्ति कार्डहोल्डर है, तो उसे P अक्षर से दर्शाया जाता है। इसके अलावा कंपनी को C अक्षर से शो किया जाता है।</p>
<p>पांचवा नंबर आपके सरनेम का पहला अक्षर लिखा गया होता है। जैसे अगर सरनेम शर्मा (Sharma) है, तो 5 वां नंबर S लिखा जाएगा। बाद के नंबर इनकम टैक्स विभाग द्वारा तय किए जाते हैं।</p>
<p>इस तरह से अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग पैन कार्ड डिजाइन किए जाते हैं।</p>
</div>
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		<title>बीत गए IndusInd Bank के बुरे दिन! RBI के बयान से शेयरों में 4% की तेजी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में हुए घोटाले के बाद से इंडसइंड बैंक के शेयर सुर्खियों में है, आज आरबीआई के एक बयान से इनमें एक्शन देखने को मिला है। ये बैंक शेयर आज 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। दरअसल, आरबीआई गवर्नर ने बैंक की हालिया परेशानियों, जिसमें ऑडिट संबंधी खामियां शामिल हैं, पर टिप्पणी की। भारतीय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="760" height="350" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/h.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में हुए घोटाले के बाद से इंडसइंड बैंक के शेयर सुर्खियों में है, आज आरबीआई के एक बयान से इनमें एक्शन देखने को मिला है। ये बैंक शेयर आज 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। दरअसल, आरबीआई गवर्नर ने बैंक की हालिया परेशानियों, जिसमें ऑडिट संबंधी खामियां शामिल हैं, पर टिप्पणी की।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने मुंबई में मॉनेटरी पॉलिसी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इंडसइंड बैंक ने अकाउंटिंग प्रैक्टिस में सुधार के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। कुल मिलाकर बैंक अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।” इंडसइंड बैंक के शेयर फिलहाल पौने 3 फीसदी की बढ़त के साथ 824 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>‘जरूरत पड़ी तो देंगे दखल’</strong><br />आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इंडसइंड के एमडी और सीईओ ने इस्तीफा दे दिया है, यह अच्छा होना है। इंडसइंड में हुई धोखाधड़ी को लेकर कानून अपना काम करेगा। अगर हमें दखल देना पड़ा तो हम पीछे नहीं हटेंगे।<br />वहीं, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर जे स्वामीनाथन ने कहा, “इंडसइंड के मामले में, यह मुद्दा बहुत जल्द सुलझ जाना चाहिए। हम बैंकिंग प्रणाली की निगरानी करते रहेंगे।”</p>
<p>उधर गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, “आमतौर पर हम अलग-अलग बैंकों पर टिप्पणी नहीं करते हैं। हमें इंडसइंड बैंक में धोखाधड़ी को लेकर अटकलें नहीं लगानी चाहिए।”</p>
<p><strong>गड़बड़ी के बाद से चर्चा में बैंक</strong><br />बता दें कि इंडसइंड बैंक इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है और फॉरेंसिक ऑडिट चल रहा है। इस साल मार्च में बैंक ने डेरिवेटिव अकाउंटिंग में चूक के कारण अपनी नेटवर्थ को 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने के बारे में बताया था। इसके बाद बैंक में और भी अकाउंटिंग अनियमितताएं उजागर हुईं और यह एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित एक नई नेतृत्व टीम की नियुक्ति की प्रक्रिया में है।</p>
<p>पिछले महीने, बाजार नियामक सेबी ने कथित तौर पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में इंडसइंड बैंक के पूर्व सीईओ, डिप्टी सीईओ और तीन अन्य को अगले आदेश तक सिक्योरिटी मार्केट में ट्रेड करने पर रोक लगा दी थी।</p>
<p>(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है. चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजर जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें.)</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ITR: इनकम टैक्स return filing से पहले समझिए TDS के बारे में हर जानकारी</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/itr-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%ae-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-return-filing-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing 2025) करने जा रहे हैं तो आपके लिए टैक्स डिडक्शन एट सोर्स यानी टीडीएस (TDS) को जानना जरूरी है। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि टीडीएस क्या होता है, यह किन मामलों में लागू होता है, टीडीएस फाइलिंग के नियम क्या हैं, नियम का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="749" height="394" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-121548.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing 2025) करने जा रहे हैं तो आपके लिए टैक्स डिडक्शन एट सोर्स यानी टीडीएस (TDS) को जानना जरूरी है। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि टीडीएस क्या होता है, यह किन मामलों में लागू होता है, टीडीएस फाइलिंग के नियम क्या हैं, नियम का पालन नहीं करने पर क्या होता है।</p>
<p><strong>क्या होता है TDS</strong><br />जब कोई व्यक्ति, संस्था या कंपनी किसी को पेमेंट करती है तो टैक्स काटकर पेमेंट करने का नियम है। यह पेमेंट सैलरी, किराया, कमीशन आदि के रूप में हो सकता है। हालांकि एक निश्चित रकम से अधिक पेमेंट करने पर ही TDS काटने का प्रावधान है। टीडीएस काटने वाले व्यक्ति या संस्था को टैक्स की रकम सरकार के पास जमा करनी पड़ती है। टैक्सपेयर जब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करता है तो उस समय टीडीएस को एडजस्ट किया जाता है।</p>
<p><strong>किन मामलों में काटा जाता है TDS</strong><br />सैलरी (धारा 192), ब्याज (धारा 194A), किराया (धारा 194I), प्रोफेशनल फीस (धारा 194J), कमीशन या ब्रोकरेज (धारा 194H), प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री (धारा 194 IA) या डिविडेंड (धारा 194) जैसे ट्रांजैक्शन में TDS काटने का प्रावधान है। टीडीएस काटने वाला टैक्सपेयर को अगर सैलरी देता है तो उसे Form 16 देना होगा। नॉन-सैलेरी पेमेंट के लिए फॉर्म 16A दिया जाता है।</p>
<p><strong>अगर कटा है आपका TDS या TCS तो अभी गलती से भी मत फाइल करिएगा ITR</strong></p>
<p><strong>कहां देख सकते हैं टीडीएस की डिटेल</strong><br />जिस टैक्स पेयर का टीडीएस काटा जाता है वह उसकी डिटेल फॉर्म 26AS या AIS में देख सकता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR filing) करते समय टैक्सपेयर की जो टैक्स लायबिलिटी बनती है उसमें वह टीडीएस को एडजस्ट कर सकता है।</p>
<p><strong>हर तिमाही टीडीएस जमा करना जरूरी</strong><br />टीडीएस काटने वाले को हर तिमाही टीडीएस रिटर्न फाइल करना जरूरी है। इसके लिए फॉर्म 24Q, 26Q आदि का इस्तेमाल किया जाता है। अगर टीडीएस काटने वाले ने हर तिमाही टैक्स की रकम सरकार के पास जमा नहीं की या देर से जमा की, तो उस पर धारा 234E के तहत जुर्माना लग सकता है।</p>
<p><strong>कितना काटा जाता है टीडीएस</strong><br />टीडीएस काटने की दर क्या होगी यह पेमेंट टाइप और जिसे पेमेंट दिया जा रहा है उस पर निर्भर करता है। यह व्यक्ति और फर्म के लिए अलग-अलग है। उदाहरण के लिए अगर कंपनी आपको सैलरी देती है तो आपकी सालाना इनकम के ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स काटा जाएगा। जिस व्यक्ति का टीडीएस काटा जाना है अगर उसने अपना पैन नहीं दिया तो 20% या उससे अधिक दर से टीडीएस कटेगा।</p>
<p><strong>ITR फाइलिंग के लिए खुल गए ये दो फॉर्म, जानिए आपके लिए कौन सा है फॉर्म सही?</strong></p>
<p><strong>निल डिडक्शन का भी प्रावधान</strong><br />टीडीएस में निल डिडक्शन सर्टिफिकेट का भी प्रावधान है। जिस व्यक्ति का टीडीएस काटा गया है अगर उसकी वास्तविक टैक्स लायबिलिटी टीडीएस की तुलना में कम है, तो वह धारा 197 के तहत कम टीडीएस या निल टीडीएस के लिए आवेदन कर सकता है। अगर आप पर कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं बनती है, फिर भी टीडीएस कटा है तो आप उसका रिफंड क्लेम कर सकते हैं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>OECD ने भी माना भारतीय अर्थव्यवस्था का लोहा, ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर जताई से चिंता</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/oecd-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[विकसित देशों के संगठन Organisation for Economic Co Operation and Development (OECD) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था और इंडियन इकोनॉमी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं। ओईसीडी ने जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है, वहीं भारत की इकोनॉमी को लेकर उत्साह जताया है। Oecd के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="759" height="428" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-121955.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-121955.png 759w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-07-121955-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 759px) 100vw, 759px"></p>
<p>विकसित देशों के संगठन Organisation for Economic Co Operation and Development (OECD) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था और इंडियन इकोनॉमी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं। ओईसीडी ने जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है, वहीं भारत की इकोनॉमी को लेकर उत्साह जताया है।</p>
<p>Oecd के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की फास्टेस्ट फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बनेगी। वही विश्व अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगाया गया टैरिफ रुकावट बन सकता है। टैरिफ लगाने से इसका नेगेटिव प्रभाव अमेरिका की इकोनॉमी पर पड़ेगा।<br />भारत की जीडीपी 6.3 फीसदी से ग्रो कर सकती है। इंडियन इकोनॉमी को Private Consumption का सपोर्ट मिल रहा है। इससे लोगों की इनकम बढ़ेगी और लोअर टैक्स इनकम वाले मिडिल क्लास को सपोर्ट मिलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने बताया की यूस द्वारा लगाया गया टैरिफ निवेश पर प्रभाव कर सकता है। खासकर ऐसे सेक्टर जो निर्यात पर निर्भर है। इनमें केमिकल, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक शामिल हैं।</p>
<p>इससे पहले, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष में इंडियल जीडीपी में 6.5 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया था। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय भी वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5 फीसदी विकास दर का अनुमान जता चुका है।</p>
<p><strong>वित्त वर्ष 2026 में कितनी बढ़ेगी विश्व अर्थव्यवस्था?</strong><br />वैश्विक जीडीपी साल 2025 में 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है, जो साल 2024 की 3.3% की ग्रोथ रेट से कम है।Oecd का कहना है कि वैश्विक ग्रोथ आउटलुक और खराब हो सकता है अगर संरक्षणवाद बढ़ता है। क्योंकि इससे महंगाई और बढ़ेगी, सप्लाईचेन बाधित होगी और पूंजी बाजार हिल जाएंगे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तगड़ी तेजी के बाद YES Bank के शेयरों में जोरदार गिरावट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Jun 2025 08:07:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[यस बैंक के शेयरों में तेजी के बाद फिर से बिकवाली हावी हो गई है। आज यह बैंक स्टॉक 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। दरअसल, यस बैंक के शेयरों में यह गिरावट बैंक के उस बयान के बाद आई है जिसमें साफ किया गया है कि सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) द्वारा पूर्ण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>यस बैंक के शेयरों में तेजी के बाद फिर से बिकवाली हावी हो गई है। आज यह बैंक स्टॉक 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। दरअसल, यस बैंक के शेयरों में यह गिरावट बैंक के उस बयान के बाद आई है जिसमें साफ किया गया है कि सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) द्वारा पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी में कंट्रोलिंग स्टैक हासिल करने के लिए RBI की मंजूरी मांगने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट “तथ्यात्मक रूप से गलत” थी।</p>
<p>बैंक का यह बयान बोर्ड के बैठक से पहले आया है जिसमें इक्विटी शेयरों, डेट सिक्योरिटी या प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से पूंजी जुटाने पर चर्चा होनी है। इससे पहले SMBC द्वारा बैंक में हिस्सेदारी खरीदने की अटकलों के चलते यस बैंक के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी।</p>
<p><strong>30% तक उछल गए थे यस बैंक के शेयर</strong><br />
यस बैंक के शेयर आज तगड़ी गिरावट के साथ 21.31 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। एसएमबीसी के मुद्दे पर बैंक की ओर से आई सफाई के कारण इस बैंक शेयर ने 2 जून को मिली सारी बढ़त गंवा दी।</p>
<p>कल यस बैंक के शेयर 21.40 रुपये पर ओपन हुए थे और 23.39 रुपये का हाई लगाकर 23.28 रुपये के स्तर पर बंद हुए। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, 20-21 रुपये का स्तर यस बैंक के शेयरों के लिए एक अहम सपोर्ट है। पिछले एक महीने में यस बैंक के शेयर 30 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे।</p>
<p>इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा था कि जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से यस बैंक में 20% हिस्सेदारी हासिल करने की प्लानिंग कर रही है।</p>
<p>इस खबर से रिटेल निवेशकों के मन में यस बैंक को लेकर मजबूत धारणा बन थी। क्योंकि, इस डील के बाद SMBC यस बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक बन जाता।</p>
<p>(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>RBI जल्द करेगा Repo Rate में कटौती, इतनी सस्ती हो सकती है आपके होम लोन की EMI</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/rbi-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-repo-rate-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Jun 2025 07:49:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[आरबीआई एक साल में हर दो महीने बाद रेपो रेट रिवाइज करती है। साल 2025 में फरवरी और अप्रैल महीने में रेपो रेट में दो बार कटौती की जा चुकी है। दोनों ही बार रिजर्व बैंक ने 0.25 फीसदी की कटौती की है, जो कुल मिलाकर 0.50 फीसदी है। एसबीआई द्वारा हाल ही में जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

आरबीआई एक साल में हर दो महीने बाद रेपो रेट रिवाइज करती है। साल 2025 में फरवरी और अप्रैल महीने में रेपो रेट में दो बार कटौती की जा चुकी है। दोनों ही बार रिजर्व बैंक ने 0.25 फीसदी की कटौती की है, जो कुल मिलाकर 0.50 फीसदी है।

 

एसबीआई द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में ये सामने आया है कि इस बार भी रिजर्व बैंक द्वारा 0.50 फीसदी की कटौती हो सकती है। इस कटौती का इनडायरेक्ट असर लोन ब्याज और एफडी ब्याज पर पड़ता है।

 

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि अनुमानित 0.50 फीसदी कटौती के बाद आपका ईएमआई कितना कम हो जाएगा। इसे हम कैलकुलेशन के माध्यम से समझेंगे।

 

<strong>कितना कम हो सकता है ईएमआई</strong>

 
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-190261" src="https://deshjagran.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-03-125451.png" alt="" /></figure>
 

नीचे दी गई कैलकुलेशन में हमने ये माना है कि बैंक द्वारा भी ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती की गई है। हालांकि रेपो रेट में कटौती के बाद ब्याज दर कितना कम होगा, ये बैंकों पर आधारित होता है। इसके साथ ही अलग-अलग व्यक्ति का लोन इंटरेस्ट रेट अलग-अलग हो सकता है।

 

<strong>कैलकुलेशन</strong>
30 लाख रुपये लोन
सबसे पहले जानते हैं कि अगर व्यक्ति द्वारा 20 साल के लिए 30 लाख रुपये का लोन लिया जाता है, तो रेपो रेट कम होने से ईएमआई पर कितनी बचत होगी।

 

अवधि- 20 साल
अमाउंट- 30 लाख रुपये

 

20 साल के लिए 30 लाख रुपये लोन पर 7.9 ब्याज दर के हिसाब से अभी हर महीने 24,907 रुपये ईएमआई भरने होते हैं। वहीं 0.5 गिरावट के बाद ये ईएमआई 23,985 रुपये हो सकती है। इसका मतलब है कि ब्याज दर कम होने से हर महीने 922 रुपये की बचत होगी।

 

<strong>50 लाख रुपये लोन</strong>
अवधि- 20 साल

 

<strong>अमाउंट- 50 लाख रुपये</strong>
इसी तरह अगर 7.9 फीसदी के हिसाब से 20 साल के लिए 50 लाख रुपये तक का लोन लिया जाए, तो हर महीने 41,511 रुपये ईएमआई के रूप में देने होते हैं। अगर ये ब्याज दर 7.4 फीसदी हो जाता है, तो ये ईएमआई ₹39,974 रुपये हो जाएगा। इस तरह 1537 रुपये की बचत हो सकती है।

 

<strong>70 लाख रुपये का लोन</strong>
अवधि- 20 साल

 

अमाउंट- 70 लाख रुपये

 

ऐसी ही 7.9 ब्याज के हिसाब से 20 साल के लिए 70 लाख रुपये लोन पर ईएमआई 58,116 रुपये है। अगर ये ब्याज दर 7.4 फीसदी हो जाता है, तो ईएमआई 55,964 रुपये प्रति माह बनेगी। इस तरह से हर महीने 2152 रुपये की बचत हो जाएगी।

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		<item>
		<title>GDP के बाद GST कलेक्शन में भी उछाल, जानिए मई में सरकारी खजाने में आए कितने रुपये?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 07:54:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[उम्मीद से बेहतर जीडीपी डेटा आने के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक और राहत भरी खबर आई है। मई में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन (GST revenue May 2025)16.4 प्रतिशत बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। जीएसटी कलेक्शन में यह उछाल अप्रैल में रिकॉर्ड हायर कलेक्शन के बाद आया है, जब रेवेन्यू ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>उम्मीद से बेहतर जीडीपी डेटा आने के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक और राहत भरी खबर आई है। मई में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन (GST revenue May 2025)16.4 प्रतिशत बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। जीएसटी कलेक्शन में यह उछाल अप्रैल में रिकॉर्ड हायर कलेक्शन के बाद आया है, जब रेवेन्यू ने 2.37 लाख करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई लेवल को छू लिया है।</p>



<p>मई में, घरेलू लेनदेन से ग्रॉस रेवेन्यू 13.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात से जीएसटी राजस्व 25.2 प्रतिशत बढ़कर 51,266 करोड़ रुपये रहा।</p>



<p><strong>राज्यवार जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े</strong> मई में ग्रॉस सेंट्रल जीएसटी रेवेन्यू (monthly GST collection) 35,434 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी रेवेन्यू 43,902 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी लगभग 1.09 लाख करोड़ रुपये रहा। सेस से राजस्व 12,879 करोड़ रुपये रहा। मई, 2024 में यह कलेक्शन 1,72,739 करोड़ रुपये था। इसके अलावा,नेट जीएसटी कलेक्शन लगभग 1.74 लाख करोड़ रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 20.4 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।</p>



<p>अगर राज्यवार जीएसटी कलेक्शन की बात करें तो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों ने कलेक्शन में 17 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की है. वहीं गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों ने 6 प्रतिशत तक की वृद्धि दिखाई है। सबसे ज्यादा रेवेन्यू 31,530 करोड़ रुपये महाराष्ट्र से आया, जबकि तमिलनाडु से 12,230 करोड़ और कर्नाटक का योगदान 14,299 करोड़ रुपये रहा।</p>



<p>मई 2025 के जीएसटी कलेक्शन पर पार्टनर टैक्स कनेक्ट एजवाइजरी सर्विसेज लिमिटेड के पार्टनर विवेक जालान ने कहा, &#8220;घरेलू जीएसटी रेवेन्यू में लगभग 10% की वृद्धि और आयात जीएसटी राजस्व में 73% की वृद्धि के चलते, यह बहुत स्पष्ट है कि इस महीने जीएसटी रेवेन्यू में बढ़ोतरी घरेलू खपत से ज्यादा आयात से आई है। साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़े भी इसी तरह की प्रवृत्ति दर्शाते हैं। इस दौरान एक्सपोर्ट रिफंड बढ़ते हुए नहीं दिख रहा है, ऐसे में यह स्पष्ट हो रहा है कि आयात में वृद्धि, निर्यात वृद्धि से कहीं ज्यादा है।</p>



<p>जालान ने कहा कि जीएसटी आंकड़ों में आयात वृद्धि से आया उछाल ट्रम्प 2.0 का नतीजा हो सकता है क्योंकि कई देश भारत में अपना माल डंप कर रहे हैं, क्योंकि वे अमेरिका में कम बेच रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो सकता है कि भारत को भी निकट भविष्य में विभिन्न उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क लगाकर जवाब देना पड़े।</p>
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		<title>सोने की कीमत में उछाल, इतना पहुंचा 24 कैरेट गोल्ड</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 07:49:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[सोने और चांदी को आज भी निवेश के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। जब विश्व अनिश्चितता बढ़ती है, तो ऐसे में लोग सोने और चांदी की तरफ बढ़ते हैं। भारत में सोने और चांदी से लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हुई है। यहां इसे सिर्फ निवेश का विकल्प नहीं माना जाता। बीते दिनों सोने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सोने और चांदी को आज भी निवेश के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। जब विश्व अनिश्चितता बढ़ती है, तो ऐसे में लोग सोने और चांदी की तरफ बढ़ते हैं। भारत में सोने और चांदी से लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हुई है। यहां इसे सिर्फ निवेश का विकल्प नहीं माना जाता।</p>
<p>बीते दिनों सोने में गिरावट आने के बाद आज सोने की कीमत में फिर उछाल आया है। चलिए पहले जानते हैं कि 2 जून को सोने का दाम क्या है।</p>
<p><strong>कितना है आज सोने का दाम?</strong><br />
सुबह 10.01 एमसीएक्स (Multi Commodity Exchange) में 24 कैरेट सोने का भाव 95,673 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है। इसके दाम में 408 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त दर्ज की गई है। अब तक सोने ने 95,660 रुपये प्रति 10 ग्राम का आज का लो का रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही 95,866 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचकर हाई रिकॉर्ड बनाया है।</p>
<p><strong>कितना बढ़ा चांदी का भाव?</strong><br />
2 जून सुबह 10.04 मेें 1 किलों चांदी का भाव 97,376 रुपये पहुंच चुका है। चांदी ने आज अब तक 97,122 रुपये प्रति किलो पहुंचकर लो रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही 97400 रुपये प्रति किलो पहुंचकर हाई रिकॉर्ड बनाया है।</p>
<p><strong>30 मई को कितनी थी कीमत?</strong><br />
30 मई, शुक्रवार के दिन एमसीएक्स में सुबह 9.50 बजे 10 ग्राम सोने का भाव 95,990 रुपये चल रहा था। इसकी कीमत में 693 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई थी। 30 मई, सुबह 9.52 बजे एमसीएक्स में 1 किलो चांदी का दाम 97252 रुपये चल रहा था। इस दिन चांदी का भाव 872 रुपये लुढ़का था।</p>
<p><strong>चांदी में होगा ज्यादा फायदा</strong><br />
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया ने निवेशकों को सोने की जगह चांदी खरीदने की राय दी है। उन्होंने बताया कि सोने से ज्यादा, चांदी ने अब तक बेहतर रिटर्न दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सोने में 12 से 14 फीसदी की करेक्शन आ सकती है। 10 ग्राम सोना आने वाले समय में 85,000 रुपये तक पहुंच सकता है।</p>
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		<item>
		<title>लगातार तीसरे महीने सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, दिल्ली से कोलकाता तक कितने घटे दाम?</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:10:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहत की खबर है। पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलोग्राम वजन वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कमी (LPG Price Cut) कर दी है। यह लगातार तीसरा महीना है जब कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कमी की गई है। आइए जानते हैं कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कितनी कमी हुई है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहत की खबर है। पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलोग्राम वजन वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कमी (LPG Price Cut) कर दी है। यह लगातार तीसरा महीना है जब कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कमी की गई है। आइए जानते हैं कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कितनी कमी हुई है और किस शहर में अब कितना दाम होगा।</p>
<p>जून की पहली तारीख को आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती (Commercial LPG Cylinder Price Cut) का ऐलान किया है, और अब 19 किलोग्राम वाले इस सिलेंडर का भाव 24 रुपये कम हो गया है। हालांकि, तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।</p>
<p>राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर जून में (LPG Price June 2025) 1723.50 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि मई में इसी की कीमत 1747.50 रुपये थी। इससे पहले अप्रैल में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत घटाकर ₹1,762 कर दी गई थी। फरवरी में भी कीमतों में ₹7 की कटौती की गई थी। लेकिन मार्च 2025 में कीमतों में फिर से ₹6 की बढ़ोतरी की गई।</p>
<p>कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के सस्ता होने से रेस्तरां, होटल और अन्य छोटे व्यवसायियों के लिए राहत भरी खबर है, जो अपने व्यवसाय के संचालन के लिए एलपीजी पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालांकि, भारत में एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत खपत घरेलू खाना बनाने में होती है, जबकि शेष 10 प्रतिशत का उपयोग इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और ऑटोमोटिव सेक्टर में होता है।</p>
<p><strong>बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमतें</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली – </strong>1723.50 रुपये<br />
<strong>कोलकाता – </strong>1826 रुपये<br />
<strong>मुंबई – </strong>1674.50 रुपये<br />
<strong>चेन्नई – </strong>1881 रुपये</p>
<p>खास बात है कि यह लगातार तीसरा महीना है जब कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कटौती की गई है। मई की शुरुआत में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 14.50 रुपये कम किए थे। इससे पहले 1 अप्रैल को कीमतों में 41 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की हुई थी।</p>
<p>बता दें कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें स्थानीय टैक्स और परिवहन शुल्कों के कारण विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं। देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हर महीने की पहली तारीख को एयर टरबाइन फ्यूल (ATF) और रसोई गैस की कीमतों में बदलाव करती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सिर्फ सोने की शुद्धता मत देखिये, गहने खरीदने से पहले इन 4 बातों पर भी दें ध्यान</title>
		<link>https://bharatkitasveer.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a4-%e0%a4%a6/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:09:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[Gold Purchase Guide आमतौर पर लोग सोने की शुद्धता पर ज्यादा ध्यान देते हैं लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें सोना खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए। इनमें मेकिंग चार्ज और बायबैक पॉलिसी समेत कई अन्य बातें शामिल हैं जिन पर गहने खरीदते समय गौर करना चाहिए। सोना खरीदना बेहद सूझबूझ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Gold Purchase Guide आमतौर पर लोग सोने की शुद्धता पर ज्यादा ध्यान देते हैं लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें सोना खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए। इनमें मेकिंग चार्ज और बायबैक पॉलिसी समेत कई अन्य बातें शामिल हैं जिन पर गहने खरीदते समय गौर करना चाहिए।</p>
<p>सोना खरीदना बेहद सूझबूझ से किया जाने वाला काम है, क्योंकि इसकी कीमत इतनी है कि शुद्धता से लेकर तौल में जरा-सी गड़बड़ी बड़ा नुकसान करा सकती है। आमतौर पर लोग सोने की शुद्धता पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी चीजें जिन्हें सोना खरीदते समय ध्यान में रखना चाहिए। हम आपको उन गोल्ड टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें गोल्ड बाइंग के समय ध्यान में रखना बेहद जरूरी है वरना ज्वैलर्स आपसे अन्य तरीकों से ज्यादा पैसे वसूल कर सकता है।</p>
<p><strong>मेकिंग चार्ज<br />
</strong>हर गोल्ड ज्वैलरी के साथ मेकिंग चार्ज जुड़ा होता है, जो असल में गहनों को बनाने में लगने वाला श्रम शुल्क है। अक्सर, कई ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज ज्यादा वसूल लेते हैं, जबकि इसे लेकर कुछ नियम तय होते हैं, इसलिए गोल्ड ज्वैलरी खरीदने से पहले ज्वैलर्स द्वारा लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज पर जरूर गौर करें।</p>
<p><strong>सही वजन<br />
</strong>सोने के आभूषण वज़न के हिसाब से बेचे जाते हैं, इसलिए वेट में थोड़ी-सी हेराफेरी ग्राहकों को भारी पड़ जाती है। अक्सर हीरे और अन्य कीमती पत्थर को सोने के आभूषणों में जोड़ा जाता है, जिससे वे भारी हो जाते हैं। हालांकि, ज्वैलर्स हीरों से अलग आभूषण का वजन करते हैं, और उसी के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में ज्वैलरी खरीदते समय इस बात पर भी ध्यान रखना ज़रूरी है।</p>
<p><strong>बायबैक पॉलिसी<br />
</strong>देश में ज़्यादातर ज्वैलर्स गोल्ड ज्वैलरी पर बायबैक का विकल्प देते हैं, जिसमें कोई व्यक्ति अपने पुराने आभूषण सेट को बदलकर नया आभूषण खरीद सकता है। हालांकि डिज़ाइन और ट्रेंड बदल सकते हैं, लेकिन सोने का मूल्य वही रहता है। इसलिए खरीदी करते समय ज्वैलर्स से बायबैक पॉलिसी को लेकर जरूर बात करें।</p>
<p><strong>विश्वसनीय दुकान<br />
</strong>भारत में सोने के गहनों की लाखों दुकानें और शोरूम हैं, लेकिन गोल्ड की खरीदी हमेशा विश्वसनीय और नामी दुकानों से करें। क्योंकि, छोटे स्टोर से सोने के आभूषण खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। दरअसल, वे अशुद्ध सोने को शुद्ध सोने के रूप में बेच सकते हैं या चोरी की गई सोने की कलाकृतियां बेच सकते हैं।</p>
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