बिहार के मखाने की विदेश में बढ़ी डिमांड! पूर्णिया से ग्रीस भेजी गई 1 MT पॉप्ड मखाने की पहली खेप
बिहार के पूर्णिया से मखाने की एक मीट्रिक टन (MT) खेप ग्रीस के लिए रवाना की गई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की सहायता से 1 मीट्रिक टन पॉप्ड मखाना ग्रीस भेजा गया है। केंद्र सरकार के अनुसार, यह पहल बिहार के मखाना उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, मखाने की यह खेप इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट, बेलौरी (पूर्णिया) ने सोर्स की है। इसका निर्यात एस.एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। खेप को मुंद्रा बंदरगाह से ग्रीस के पिराएस पोर्ट तक भेजा जाएगा।
घरेलू बाजार से बेहतर कीमत मिलने का दावा
सरकार के अनुसार, ग्रीस भेजे गए मखाने के लिए उत्पादकों को घरेलू बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य मिला है। इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए अतिरिक्त आय और वैल्यू एडिशन के नए अवसर खोल सकते हैं।
भारत में सबसे ज्यादा मखाना बिहार में
भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है। देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80 से 85 प्रतिशत है। राज्य के 10 जिलों में 35,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मखाने की खेती होती है। इससे हजारों किसानों की आजीविका जुड़ी हुई है।
20 से ज्यादा देशों तक पहुंचा भारतीय मखाना
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और मूल्यवर्धित मखाना उत्पादों का निर्यात किया। इनका कुल मूल्य करीब 2.2 करोड़ डॉलर (22 मिलियन डॉलर) रहा और निर्यात 20 से अधिक देशों तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि निर्यात नीति पर काम कर रही है। मखाना निर्यात की वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए राज्य में पैकहाउस भी विकसित किए गए हैं।
यूरोप समेत नए बाजारों पर नजर
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, पूर्णिया से ग्रीस भेजी गई यह खेप बिहार के मखाना उत्पादकों और निर्यातकों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। APEDA भारतीय मखाने के लिए नए बाजार तलाशने, निर्यातकों को सहयोग देने और यूरोप समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ संपर्क मजबूत करने में भूमिका निभा रहा है। सरकार के अनुसार, मखाना निर्यात बढ़ने से किसानों को वैश्विक मांग से जोड़ने, नए बाजार विकसित करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं। इससे बिहार के मखाना उद्योग को गति मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।




