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डिफेंस, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी पर भारत-पोलैंड में बनी सहमति, PM मोदी ने किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई है। उन्होंने पोलैंड की कंपनियों को इन रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड की रणनीतिक साझेदारी ने पिछले दो वर्षों में नई गति पकड़ी है। वर्ष 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। अब दोनों देश इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर आगे बढ़ रहे हैं।
मानवता और संवेदना की साझा विरासत
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और संवेदना की साझा विरासत पर आधारित है।उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों की भूमिका को याद किया। पीएम मोदी के अनुसार, उस दौर में दोनों रियासतों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिया था। पोलैंड में जाम साहब को आज भी ‘डोबरी महाराजा’ यानी अच्छे महाराज के नाम से याद किया जाता है। पीएम मोदी ने वर्ष 2022 में यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी में पोलैंड के सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जाम साहब यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से पोलैंड के युवा भारत आ रहे हैं, जिससे दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
भारत-पोलैंड के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बदलते वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में भारत और पोलैंड विकास, तकनीक और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पोलैंड की जीडीपी ने एक ट्रिलियन डॉलर का ऐतिहासिक स्तर पार किया, जबकि भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत ने सहयोग के नए अवसर पैदा किए हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से इन अवसरों का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि समझौते के लागू होने पर भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन और प्लास्टिक के निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं। इसके साथ ही रेलवे, मोबिलिटी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
2030 तक द्विपक्षीय लक्ष्यों को हासिल करने की उम्मीद
पीएम मोदी ने कहा कि पोलैंड के प्रधानमंत्री एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों की कंपनियां मिलकर विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करेंगी और वर्ष 2030 तक निर्धारित द्विपक्षीय लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत और पोलैंड के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इन क्षेत्रों में पोलिश कंपनियों को भारत के साथ सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए आमंत्रित किया गया है। दोनों देशों के बीच हुई इस वार्ता का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खोलना है।

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