यूपी में सड़क सुरक्षा पर खर्च होंगे 222 करोड़, 100 नए इंटरसेप्टर वाहन खरीदेगी सरकार
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय के कुल 222.06 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसमें सड़क सुरक्षा जागरूकता, यातायात नियमों के प्रवर्तन और आधुनिक उपकरणों की खरीद पर जोर दिया गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कोष प्रबंधन समिति की बैठक में बजट प्रस्तावों को अनुमोदन दिया गया। परिवहन विभाग के लिए राजस्व मद में 54.61 करोड़ और पूंजीगत मद में 132.49 करोड़ रुपये समेत कुल 187.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, यातायात निदेशालय के लिए राजस्व मद में 10 करोड़ और पूंजीगत मद में 24.96 करोड़ रुपये समेत कुल 34.96 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
75 जिलों में लगेंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन उपकरणों की खरीद, स्थापना, संचालन और अनुरक्षण पर 65 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। इसके तहत सर्वाधिक सड़क दुर्घटना मृत्यु वाले 25 जिलों में प्रति जिला 1.20 करोड़ और शेष 50 जिलों में प्रति जिला 70 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। nmप्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने के लिए 100 नए इंटरसेप्टर वाहन खरीदने पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 100 आधुनिक टैबलेट खरीदने के लिए 65 लाख और 139 प्रवर्तन अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण की निगरानी के लिए डेसीबल मीटर उपलब्ध कराने पर 1.25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का प्रस्ताव है। यातायात निदेशालय के लिए भी 78 चार पहिया इंटरसेप्टर वाहन खरीदने को 24.96 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
जागरूकता अभियान पर भी जोर
सड़क सुरक्षा जागरूकता और प्रचार-प्रसार के लिए परिवहन विभाग के राजस्व मद में 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रदेश के 1500 उच्च शिक्षण संस्थानों और 1574 माध्यमिक विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब संचालित करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा सप्ताह, पखवाड़ा और माह के दौरान जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। चयनित 30 जिलों में इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड लगाने के लिए 15 करोड़ और करीब 3218 स्थानों पर स्थायी होर्डिंग स्थापित करने के लिए 16.09 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। मुख्य सचिव ने दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में रोकथाम के ठोस और दीर्घकालिक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरसेप्टर वाहनों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया।




