1.88 लाख स्कूलों की रिपोर्ट अपलोड: 1.74 लाख से ज्यादा स्कूलों को 3-स्टार रेटिंग
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों का माहौल सुधारने के लिए एक खास पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की देखरेख में चल रहे इस अभियान में स्कूलों को खुद का मूल्यांकन करना था। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि 1.88 लाख से अधिक स्कूलों ने अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी है। अब दूसरे चरण में यह जांचा जाएगा कि जो दावे ऑनलाइन रिपोर्ट में किए गए हैं, वे जमीन पर कितने सच हैं।
कैसे होगी जमीनी जांच?
जिलाधिकारी संभालेंगे कमान: हर जिले में डीएम (या उनके नामित वरिष्ठ अधिकारी) की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई है। इसमें स्वास्थ्य, पंचायती राज, पेयजल विभाग के अधिकारी और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हैं।
15 से 25 स्कूलों की जिम्मेदारी: जांच करने वाले हर अधिकारी/कर्मचारी को अपने आसपास के 15 से 25 स्कूल दिए गए हैं।
मोबाइल ऐप से तुरंत अपडेट: जांच अधिकारी सीधे मौके पर जाकर एंड्रॉइड ऐप के जरिए अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करेंगे।
किन चीजों की होगी जांच: स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय, कचरा प्रबंधन, हरियाली और बिजली-ऊर्जा बचत जैसी सुविधाओं को बारीकी से परखा जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद बच्चों को पढ़ाई के लिए एक साफ, सुरक्षित और प्रकृति के करीब रहने वाला बेहतर माहौल देना है।




