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Taipei Open में Tanvi Sharma ने रचा इतिहास, PV Sindhu ने सराहा- ‘यह तो बस एक शानदार शुरुआत है’

भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तान्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने खुलकर तारीफ की है। सिंधु ने कहा कि तान्वी में एक महान खिलाड़ी बनने के सभी गुण मौजूद हैं और यह जीत उनके लंबे और सफल करियर की केवल शुरुआत है। बता दें कि 17 वर्षीय तान्वी शर्मा ने ताइपे ओपन के फाइनल में वियतनाम की अनुभवी खिलाड़ी गुयेन थुई लिन्ह को सीधे खेलों में हराकर अपना पहला विश्व बैडमिंटन महासंघ विश्व टूर सुपर 300 खिताब जीता। तान्वी ने पूरे मुकाबले में शानदार रणनीति और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 36 मिनट में 21-16 और 21-16 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस जीत के साथ तान्वी शर्मा ताइपे ओपन का खिताब जीतने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि महिला, पुरुष और अन्य सभी वर्गों को मिलाकर भी एक नया रिकॉर्ड मानी जा रही है। इतनी कम उम्र में इस स्तर का खिताब जीतना भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गौरतलब है कि पीवी सिंधु ने सामाजिक माध्यम पर तान्वी की जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि उन्हें तान्वी पर बेहद गर्व है और वह लंबे समय से कहती आ रही हैं कि तान्वी में एक बेहद खास खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। सिंधु के अनुसार, तान्वी के पास शानदार प्रतिभा, बेहतरीन शॉट लगाने की क्षमता और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का सामना करने का साहस पहले से मौजूद था। सिंधु ने आगे कहा कि तान्वी को केवल थोड़ा और अनुभव और निरंतरता की जरूरत थी, जो अब उनके खेल में साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने युवा खिलाड़ी को सलाह दी कि वह लगातार मेहनत करती रहें, खुद पर भरोसा बनाए रखें और नई उपलब्धियां हासिल करने की भूख कभी कम न होने दें। भारतीय बैडमिंटन पिछले कुछ वर्षों में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी जैसे खिलाड़ियों ने भारत को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। अब तान्वी शर्मा जैसी नई प्रतिभाओं के उभरने से भविष्य को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तान्वी शर्मा की यह जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय बैडमिंटन की मजबूत युवा प्रणाली का भी प्रमाण है। यदि वह इसी तरह निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर भारत के लिए कई बड़े खिताब जीत सकती हैं। पीवी सिंधु का समर्थन और विश्वास भी तान्वी के आत्मविश्वास को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा हैं।

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