Uncategorizedउत्तर प्रदेशदेश-विदेश

भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जयशंकर से मुलाकात में व्यापार समझौते पर रहेगी नजर

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंच गए हैं। इस यात्रा के दौरान वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और अमेरिका लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों और समझौते को गति देने से जुड़े मुद्दे बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं।
आतंकवाद के पीड़ितों को देंगे श्रद्धांजलि
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, रुबियो मुंबई के ताज महल पैलेस होटल परिसर में स्थित ताज मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद इसी स्थान पर उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक होनी है। वार्ता में व्यापार समझौते के अलावा वैश्विक ऊर्जा जरूरतों और भारत के रूसी तेल आयात जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
जामनगर के ऊर्जा केंद्र का करेंगे दौरा
अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री गुजरात के जामनगर भी जाएंगे। जामनगर एक महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र है। रुबियो का बुधवार को वहां जाने का कार्यक्रम है। इस दौरे को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा रुबियो के मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘फ्रीडम 250 रिसेप्शन’ में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।
गेटवे ऑफ इंडिया भी पहुंचे रुबियो
मुंबई पहुंचने पर रुबियो के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और उनकी पत्नी जेनेट डौसडेबेस रुबियो भी मौजूद थीं। निर्धारित कार्यक्रमों से पहले रुबियो और गोर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ गेटवे ऑफ इंडिया का दौरा किया। सर्जियो गोर ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रुबियो के पहुंचने की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि मुंबई आकर अच्छा लगा और इस बार उनके मित्र मार्को रुबियो भी साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा सार्थक रहेगा और इससे भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती मिलेगी। रुबियो की इस यात्रा पर दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों के लिहाज से नजर रहेगी।

Related Articles

Back to top button