Bharat Mandapam में BIRC के दौरान प्रदर्शित होंगी 200 Rice Varieties
आयोजकों ने एक बयान में बताया कि 23 से 25 अक्टूबर तक भारत मंडपम में प्रदर्शित किए जाने वाले इस वैश्विक चावल संग्रह में इटली के आर्बोरियो, थाईलैंड के जैस्मीन व ग्लूटीनस आरडी6 और जापान के सुशी चावल से लेकर भारत के बासमती, सुगंधित पारंपरिक अनाज, काले तथा लाल चावल और क्षेत्रीय विशिष्ट किस्में शामिल होंगी। इस प्रदर्शनी का मकसद चावल को केवल एक व्यापारिक जिंस के रूप में ही नहीं, बल्कि भूगोल, जैव विविधता, खान-पान की परंपराओं और खेती के तौर-तरीकों से जुड़े उत्पाद के रूप में पेश करना है। भारत की व्यावसायिक पेशकशों में पूसा बासमती, सुगंधा और शरबती सहित बासमती की विभिन्न किस्में शामिल होंगी। इसके अलावा गैर-बासमती किस्में जैसे पीआर-11, पीआर-14, परमल और सोना मसूरी को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस संग्रह में क्षेत्रीय और पारंपरिक किस्में भी शामिल होंगी, जिनमें केरल से नवारा तथा रक्तशाली, तमिलनाडु से सीरागा सांबा, मपिल्लई सांबा तथा करुप्पु कावुनी, छत्तीसगढ़ से दुबराज, पश्चिम बंगाल से तुलाईपंजी, मणिपुर से चाक-हाओ काला चावल, असम से जोहा चावल, उत्तर प्रदेश से काला नमक, मध्य प्रदेश से चिन्नौर, महाराष्ट्र से आंबेमोहर और कश्मीर से मुश्कबुदजी शामिल हैं। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के देव गर्ग ने कहा, पहली बार बीआईआरसी में आने वाला कोई वैश्विक खरीदार एक ही स्थान पर व्यावसायिक रूप से प्रासंगिक किस्मों की विस्तृत शृंखला देख सकेगा, उनकी तुलना कर सकेगा और फिर तुरंत आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क साध सकेगा।




