वीबी जी राम जी योजना: 57,470 पंचायतों में एक ही दिन 42.90 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य, UP के सभी जिलों को फरमान
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लागू विकसित भारत-जीरामजी योजना की धीमी प्रगति पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना लागू होने के करीब तीन महीने बाद भी प्रदेश में मानव दिवस सृजन लक्ष्य के मुकाबले महज 56 प्रतिशत तक पहुंच सका है। इसे बेहद कम मानते हुए ग्राम्य विकास विभाग ने अब विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत 12 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में विशेष रोजगार सृजन दिवस आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान प्रदेश की 57,470 ग्राम पंचायतों में 42,90,275 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्राम्य विकास आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने सभी जिलाधिकारियों और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पत्र भेजकर अभियान को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा गया है। वीबी जी राम जी योजना प्रदेश में एक जुलाई 2026 से प्रभावी की गई है।
ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार देने का लक्ष्य
योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही गांवों में टिकाऊ और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है। सितंबर तक अपेक्षित प्रगति नहीं होने के बाद अब विशेष अभियान के जरिए ग्रामीणों की मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
375 अनुमन्य कार्यों में श्रमिकों को मिलेगा काम
शासन ने विशेष रोजगार सृजन दिवस के लिए सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत मानव दिवस सृजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत अनुमन्य 375 कार्यों में ऐसे कामों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मिल सके और जिनका ग्रामीणों को सीधा लाभ मिले। हर ग्राम पंचायत में पर्याप्त संख्या में स्वीकृत और शुरू किए जा सकने वाले कार्य उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अभियान से पहले ही चयनित कार्यों की वर्क आईडी जनरेशन, जियो-टैगिंग, सीक्योर पोर्टल पर एस्टिमेट और एमआईएस से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसका उद्देश्य 12 अक्टूबर को तकनीकी अड़चन के कारण काम प्रभावित होने से रोकना है। श्रमिकों की मांग के अनुसार समय से ई-मस्टर रोल जारी किए जाएंगे और पात्र श्रमिकों का वास्तविक नियोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
ड्रोन से होगी कार्यस्थलों की वीडियोग्राफी
विशेष रोजगार सृजन दिवस के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यस्थलों की ड्रोन वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके साथ सामान्य फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी अनिवार्य होगी। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के स्तर से उपायुक्त (श्रम-रोजगार) समेत अन्य विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ये अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।



