Lula da Silva ने ब्राजील में जीता Presidential Election, चौथी बार संभालेंगे सत्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा रविवार को फिर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। इस चुनाव परिणाम से लातिन अमेरिका में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव की आलोचना करने वालों को राहत मिली है। यदि निर्वाचन अधिकारियों ने लूला की जीत की पुष्टि कर दी, तो वह चौथी बार राष्ट्रपति बनेंगे। उनका अगला कार्यकाल पांच जनवरी, 2027 से शुरू होगा। मतगणना में 100 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने के बाद ब्राजील के निर्वाचन न्यायालय ने घोषणा की कि जल्द ही 81 वर्ष के होने जा रहे लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो पर करीब 44 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। यह घोषणा ब्राजील के मतदान केंद्रों पर शाम को मची अफरा-तफरी के बाद हुई। मतदान का निर्धारित समय समाप्त होने से ठीक पहले मतदान दो घंटे बढ़ाने का फैसला किया गया था। उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश के इस फैसले के खिलाफ बोल्सोनारो कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। लूला की जीत लातिन अमेरिका में चल रहे उस रुझान के उलट है, जिसमें ट्रंप के साथ गठबंधन करने वाले दक्षिणपंथी झुकाव के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की जीत की संख्या बढ़ रही है। लूला की जीत के बाद लातिन अमेरिका के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों मेक्सिको और ब्राजील में वामपंथी झुकाव वाले नेता सत्ता में बने रहेंगे। इससे लातिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्राजील को ट्रंप की ओर से लगाए गए बढ़े हुए शुल्कों के दबाव के बावजूद अमेरिका से स्वतंत्र बने रहने की स्थिति मिलेगी। नतीजों की घोषणा के साथ ही साओ पाउलो के उस होटल के अंदर और बाहर समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया, जहां लूला अपनी पत्नी और प्रथम महिला रोजांगेला दा सिल्वा के साथ मतगणना पर नजर रख रहे थे। ब्राजील में 1985 में सैन्य तानाशाही समाप्त होने के बाद यह पहली बार है कि पहले दौर के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार ने राष्ट्रपति पद हासिल किया है। पहले दौर में बोल्सोनारो को 47 प्रतिशत और लूला को 45 प्रतिशत वोट मिले थे। दोनों के बीच 22 लाख वोटों का अंतर था। बोल्सोनारो के सहयोगी निकोलस फरेरा ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि मतदान का समय बढ़ाने का फैसला करने वाले न्यायाधीश जानिन पहले लूला के वकील रह चुके हैं। महंगाई और सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताओं के कारण लूला के लिए दोबारा चुनाव जीतना कठिन था। बोल्सोनारो ने अपराध के खिलाफ सख्त रुख को अपने चुनाव प्रचार का प्रमुख मुद्दा बनाया और खाद्य पदार्थों की कीमतें घटाने का वादा किया।




