आंध्रप्रदेश के तट से टकराया तूफान अर्नब, 150 किमी की रफ्तार से चली हवाएं; अब कमजोर पड़ा तूफान
भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर गया और कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। हालांकि, तूफान का असर अब भी कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
150 किमी प्रति घंटे तक पहुंचे हवा के झोंके
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और यह पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक और झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। मौसम विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ”चक्रवात ने 16.450 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.90 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास यनम के दक्षिण-पश्चिम में आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार किया। यह स्थान नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।”
उखड़े पेड़ और बिजली के खंभे, जनजीवन प्रभावित
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पुलिसकर्मी और सरकारी अधिकारी आवश्यक सेवाएं बहाल करने तथा प्रमुख सड़कों पर यातायात सुचारू करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। चक्रवात के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ भी गिर गए।
तट के पास ठहरा चक्रवात, 150 किमी तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले तीन घंटे के दौरान यनम के दक्षिण के पास, बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बना रहेगा और हवा की अधिकतम निरंतर गति 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक तथा झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चक्रवात के प्रभाव से अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की जानकारी दी।
तूफान कमजोर, लेकिन राहत कार्यो पर जोर
जिला पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि काकीनाडा में भारी बारिश और इलाकों में समुद्र का पानी भर जाने के कारण बॉम्बे कट्टा के पास फंसे चार लोगों को पुलिस ने बचाया। ये चारों लोग सुबह अपने काम पर पहुंचे थे, लेकिन चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाने के कारण वे रात तक वहीं फंसे रहे। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचने पर उन्होंने पुलिस को अपनी स्थिति की जानकारी दी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उनके घर भेजने की व्यवस्था की।
बाढ़ में फंसे लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला
इस बीच, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण काकीनाडा एंकरेज बंदरगाह पर केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) के गोदामों में तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। भारी बारिश और समुद्र का पानी परिसर में घुसने से पूरा इलाका जलमग्न हो गया है और वहां बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है। गोदाम परिसर में पानी भर जाने के कारण रात की पाली में काम कर रहे कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। एक निजी कंपनी के कर्मचारी जी. राजू ने बताया कि जब चक्रवात ‘अर्नब’ ने इलाके को प्रभावित किया, तब वह दोपहर की पाली में काम कर रहे थे और वहीं फंस गए।
उन्होंने बताया कि बचाव दल ने वहां पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसी तरह, नादाकुदुरु निवासी सी. दुर्गा प्रसाद ने बताया कि वह चक्रवात के दौरान काकीनाडा बस अड्डे की ओर जाते समय फंस गए थे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें बचाया।
काकीनाडा में कपड़ों की एक दुकान के प्रबंधक आकाश ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि चक्रवात के कारण बस सेवाएं बंद होने से वह और कई अन्य लोग स्थानीय बस परिसर में फंस गए। आकाश ने कहा, ”हम सुबह छह बजे निकले थे, लेकिन वाहन नहीं चल रहे हैं। सड़कों पर पेड़ गिर गए हैं और कई रास्ते बंद हैं। लगातार बारिश हो रही है तथा तेज हवाओं के कारण और पेड़ गिर रहे हैं तथा बिजली के तार टूट रहे हैं।” आकाश ने बताया कि वे विशाखापत्तनम जाने के लिए बस परिसर पहुंचे थे, लेकिन वहीं फंस गए। पुलिस ने लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने और बाढ़ के पानी से भरे इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
घरों से बाहर न निकलें, पुलिस की अपील
खतरनाक परिस्थितियों में फंसे लोगों को ‘डायल 112’ या काकीनाडा पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है। आईएमडी के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से बुधवार तड़के चार बजे के बीच अनकापल्ली, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों में कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। अनकापल्ली के कन्नूरीपालेम में सबसे अधिक 261.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद विजयनगरम जिले के केवीबीआर स्कूल में 259.74 मिलीमीटर और विशाखापत्तनम के 16वीं पुलिस बटालियन क्षेत्र में 259.06 मिलीमीटर बारिश हुई।
609 स्कूलों को बनाया गया राहत केंद्र
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से बुधवार और बृहस्पतिवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इस बीच, मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार सुबह छह बजकर 15 मिनट पर टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिए चक्रवात प्रभावित इलाकों की स्थिति और जारी राहत कार्यों की समीक्षा की। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने अधिकारियों को गिरे हुए पेड़ों को तत्काल हटाने और चक्रवात की तीव्रता कम होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि चक्रवात प्रभावित इलाकों में एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के स्कूली शिक्षा विभाग ने 609 विद्यालयों को राहत एवं पुनर्वास केंद्रों में तब्दील किया है।




