Maharashtra में MSRTC कर्मियों को Diwali से पहले मिलेगा वेतन, 391 करोड़ रुपये मंजूर
एक अहम घटनाक्रम में, महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर राज्य परिवहन निगम के लिए 391.02 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस निगम को दिवाली से पहले अपने कर्मचारियों को वेतन देने में मदद मिलेगी। इस संबंध में, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) को निर्देश दिया कि त्योहार से पहले लगभग 83,000 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन बांट दिया जाए। MSRTC देश के सबसे बड़े परिवहन निगमों में से एक है, जिसके बेड़े में 15,000 से अधिक वाहन हैं और ये हर दिन 55 लाख से अधिक यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं। राज्य सरकार ने सितंबर में ही 391.02 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इससे जुड़ा सरकारी आदेश मंगलवार को जारी किया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि MSRTC कर्मचारियों को आमतौर पर हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच वेतन मिलता है। हालाँकि, 6 नवंबर से दिवाली शुरू हो रही है, इसलिए सरनाईक ने निगम प्रशासन को वेतन भुगतान की प्रक्रिया में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है। निगम के अध्यक्ष सरनाईक ने कहा कि सरकार और MSRTC प्रशासन को आपसी तालमेल से काम करना चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी का असर दिवाली के जश्न पर न पड़े। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, महाराष्ट्र ST कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बर्गे ने कहा कि मंजूर की गई राशि पूरे वेतन का भुगतान करने के लिए नाकाफी है। बार्गे ने कहा कि पूरा वेतन देने के लिए कम से कम 560 करोड़ रुपये की जरूरत है। इतनी कम रकम से केवल नेट वेतन ही दिया जा सकेगा। प्रोविडेंट फंड (PF), ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक बकायों का भुगतान नहीं किया जा सकता। सरकार ने हमें एक बार फिर निराश किया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्य के सूखा प्रभावित 304 तालुकों में उन लगभग 1.5 करोड़ किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम राशि देने को भी मंजूरी दी है, जिनकी फसल को 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर पुणे में एक राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शनी केंद्र (एग्जीबिशन सेंटर) के निर्माण को भी मंजूरी दी है। साथ ही, दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए ‘जिला वार्षिक योजना’ (डिस्ट्रिक्ट एनुअल प्लान) के फंड का एक प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल करने को भी मंजूरी दी गई है।




