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ट्रंप की पार्टी को चुनाव में झटका लगते ही सोना-चांदी में आया उछाल; जानें कहां तक जा सकते हैं दाम

कई दिनों तक गिरावट और दबाव के बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन, डॉलर में नरमी और साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने कीमती धातुओं को काफी मजबूती दी है। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने एक बार फिर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना बुधवार को 2.21 प्रतिशत यानी 3,088 रुपये की बढ़त के साथ 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, दिसंबर वायदा चांदी में इससे भी तेज उछाल दर्ज किया गया। इसकी कीमत 3.84 प्रतिशत यानी 6,902 रुपये बढ़कर 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर सोना 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, चांदी 3.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,86,373 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
\`ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन से बदला बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी कमजोर रही तो निवेशकों ने सुरक्षित निवेश चुनना शुरू कर दिया। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बढ़त मिली। इसके बाद वैश्विक बाजारों में राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा बढ़ गई। विश्लेषकों के मुताबिक, चुनावी नतीजों के बाद डॉलर कमजोर पड़ा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई। इससे सोने की कीमतों को और बढ़ावा मिला। जब डॉलर कमजोर होता है और बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न घटता है, तब सोना जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लगती हैं।
कच्चे तेल की नरमी से भी मिला सहारा
पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं। इससे बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति के मोर्चे पर कुछ लचीलापन दिखा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा माहौल भी सोने की कीमतों के लिए अनुकूल माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 2.32 प्रतिशत चढ़कर 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 4.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51.795 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई।
रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका घटनाक्रम पर भी नजर
वैश्विक भू-राजनीतिक हालात भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। रूस ने यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जताई है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे हालात में निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने को सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
सोने के लिए कहां हैं सपोर्ट और रेजिस्टेंस के स्तर?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.41 लाख रुपये के आसपास पहला अहम रेजिस्टेंस बताया गया है। इसके बाद 1,43,000 से 1,43,700 रुपये का अगला रेजिस्टेंस जोन है। नीचे की ओर 1,40,000 रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,37,500 से 1,38,300 रुपये के बीच अगला सपोर्ट बैंड है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में तेजी के बावजूद तकनीकी संकेतक अभी कमजोर बने हुए हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) करीब 35 के स्तर पर है। वहीं, एमएसीडी हिस्टोग्राम नकारात्मक बना हुआ है और इसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार की तकनीकी स्थिति में अभी ठोस सुधार के संकेत नहीं मिले हैं।
चांदी के भाव में आगे क्या रहेगा रुख?
MCX पर चांदी के लिए 1,86,000 से 1,88,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस जोन है। अगर कीमतें इस दायरे से ऊपर टिकती हैं तो अगला लक्ष्य 1,94,000 से 1,96,000 रुपये का रेजिस्टेंस जोन हो सकता है। वहीं, गिरावट आने पर 1,78,000 से 1,80,000 रुपये का स्तर पहला सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे 1,70,000 से 1,72,000 रुपये का अगला सपोर्ट जोन है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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