त्योहारों से पहले तेल-तिलहन बाजार में हलचल, सरसों-सोयाबीन के भाव चढ़े; मूंगफली-पामोलीन फिसले
देश के तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। उपलब्धता में कमी और मांग बढ़ने से सरसों और सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव में सुधार आया, जबकि नई फसल की आवक बढ़ने से मूंगफली और बिनौला तेल-तिलहन की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मलेशिया में पाम तेल के भाव कमजोर रहने का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा और पाम-पामोलीन तेल सस्ता हुआ।
त्योहारी मांग से सरसों को मिला सहारा
बाजार सूत्रों के मुताबिक, सरसों की उपलब्धता सीमित रहने और कच्ची घानी तेल मिलों की मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन के भाव में मजबूती आई। आगामी त्योहारों को देखते हुए सरसों तेल की स्थानीय मांग में भी बढ़ोतरी हुई है।
बीते सप्ताह सरसों दाना 150 रुपये चढ़कर 8,400-8,450 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सरसों तेल दादरी का भाव 300 रुपये बढ़कर 17,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल के भाव में भी 40-40 रुपये की बढ़ोतरी हुई और ये क्रमश: 2,765-2,865 रुपये तथा 2,765-2,915 रुपये प्रति 15 किलो टिन पर बंद हुए।
सोयाबीन में भी दिखी मजबूती
त्योहारी सीजन के चलते सोयाबीन तेल-तिलहन की स्थानीय मांग बढ़ी है। बड़े प्लांटों की ओर से भी सोयाबीन की खरीद मांग अच्छी बनी हुई है। हालांकि, अधिक आयात के कारण सोयाबीन तेल की बिक्री अभी भी उसकी लागत से करीब 2-3 रुपये प्रति किलो कम कीमत पर हो रही है। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 100 रुपये और 50 रुपये बढ़कर 6,050-6,100 रुपये तथा 5,750-5,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। दिल्ली में सोयाबीन तेल 100 रुपये बढ़कर 15,250 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 50 रुपये बढ़कर 15,000 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 100 रुपये की तेजी के साथ 12,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।



