17 वर्षीय कुमकुम मोहाद ने रचा इतिहास, महिला रिकर्व तीरंदाजी में जीता भारत का पहला स्वर्ण पदक
भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। महज 17 वर्ष की तीरंदाज कुमकुम मोहाद ने एशियाई खेलों की महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में असाधारण धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में पदक (और स्वर्ण) जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं।
रोमांचक शूटआउट में कोरियाई दिग्गज को दी मात
फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांच से भरा रहा। दक्षिण कोरिया की ओ येजिन के खिलाफ नियमित सेट के बाद स्कोर 5-5 से बराबरी पर था। इसके बाद मुकाबला ‘शूटआउट’ में गया, जहां दबाव के क्षणों में कुमकुम ने गजब का संयम दिखाया। कुमकुम ने शूटआउट में परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जबकि येजिन केवल 8 का स्कोर ही बना सकीं। इस शानदार निशाने के साथ कुमकुम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
पेरिस और ओलंपिक कोटा पर कब्जा
फाइनल में पहुंचने से पहले ही कुमकुम ने देश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। सेमीफाइनल में चीन की जिंगयी झू को हराकर फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही कुमकुम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी सुरक्षित कर लिया। नियम के अनुसार, यह कोटा स्थान देश को मिलता है। इससे पहले चीन की जिंगयी झू को हराकर फाइनल में पहुंचने के साथ कुमकुम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के दो कोटा स्थानों में से एक हासिल कर लिया। यह कोटा देश को मिलता है। कुमकुम ने झू को 28-27, 30-30, 29-29, 29-28 से हराया और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय रिकर्व तीरंदाज बन गई। कुमकुम ने पहला सेट 9, 10 और 9 के स्कोर से जीता। दूसरे सेट में दोनों तीरंदाजों ने तीनों निशाने इनर 10 में लगाये। तीसरा सेट भी बराबरी पर रहा। आखिरी सेट में कुमकुम ने 29 . 28 से जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने विश्व चैम्पियन कांग चाएयंग को क्वार्टर फाइनल में 6 . 4 से हराया था। कुमकुम ने महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण भी अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ जीता था। इसके बाद धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिश्रित जोड़ी का रजत जीता।




