34 हजार फीट की ऊंचाई पर जिंदगी-मौत से जंग… पीएम मोदी से बात कर कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कैसे बचाई 174 लोगों की जान
आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर जब हालात अचानक बेकाबू हो गए, तब कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुए घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान मच्छार ने घटना के दौरान अपने अनुभव और उस मुश्किल वक्त में उन्हें मिली हिम्मत के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ताजा जानकारी के मुताबिक, मच्छार की हालत स्थिर है और वे उपचार के बाद रिकवरी कर रहे हैं।
कॉकपिट में हमला, फिर भी बचाई फ्लाइट
दरअसल, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच गंभीर घटनाक्रम हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई। बाद में यात्रियों और क्रू ने भी हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई।
सऊदी अरब में हुआ शुरुआती इलाज
घटना के बाद कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में शुरुआती उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज और रिकवरी के लिए अबू धाबी ले जाया गया। भारतीय दूतावास उनकी मेडिकल स्थिति पर नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
भारतीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर जाना था हाल
इससे पहले यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की थी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, मच्छार की सेहत में सुधार हो रहा है और उनकी मेडिकल देखभाल सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
पूरी दुनिया में हुई बहादुरी की चर्चा
फ्लाइट में हुई इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उनके साहस की सराहना की है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और को-पायलट के कथित हमले के मकसद को लेकर जांच अभी जारी है।




