लखनऊ में सजेगा पटाखों का बाजार, 60 जगहों पर खुलेंगी 1201 दुकानें, ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे
दीपावली और छठ त्योहारों पर पटाखों की बिक्री के लिए लखनऊ कमिश्नरेट में 1201 अस्थायी दुकानें लगाने की तैयारी है। पुलिस ने इसके लिए शहर के अलग-अलग जोन में 60 स्थान चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर निर्धारित मानकों और शर्तों के अनुसार ही पटाखा बिक्री के अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। पुलिस ने दुकानदारों के लिए सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य करते हुए नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से मंगलवार को जारी सूचना के मुताबिक, पश्चिमी जोन में आरएमएल लॉन में 19, मधुबन मैरिज लॉन में 25, डीएवी इंटर कॉलेज में 40, दुबग्गा की आम्रपाली योजना में 40 और पारा स्थित शकुंतला डिग्री कॉलेज में 45 दुकानें प्रस्तावित हैं। मध्य जोन में आशियाना के कथावाचक मैदान में 50, मड़ियांव की सेक्टर-ई सचिवालय कॉलोनी में 40 और जानकीपुरम की मौर्या भट्ठा नहर रोड पर 30 दुकानें लगेंगी। उत्तरी जोन में विकासनगर मिनी स्टेडियम और पूर्वी जोन में राजकीय पॉलीटेक्निक ग्राउंड, गाजीपुर में 50-50 दुकानों की अनुमति प्रस्तावित है। गोमतीनगर के विनीत खंड पानी की टंकी के पास 30, विभूतिखंड के एलपीएस ग्राउंड में 25 और चिनहट में कठौता झील के किनारे 35 दुकानें लगाई जा सकेंगी। दक्षिणी जोन में सरोजनीनगर के सैनिक ग्राउंड में सबसे अधिक 67 दुकानें प्रस्तावित हैं। पीजीआई के रामभरोसे मैकू लाल स्थल पर भी 50 दुकानें लगेंगी। इसके अलावा मोहनलालगंज, निगोहां, गोसाईंगंज, नगराम और बंथरा समेत अन्य क्षेत्रों में भी बिक्री स्थल तय किए गए हैं।
सुरक्षा के इंतजाम अनिवार्य
पुलिस ने प्रत्येक दुकानदार को लाइसेंस की प्रति दुकान पर चस्पा करने का निर्देश दिया है। दुकान पर 200 लीटर पानी का ड्रम, दो लाल रंग की बाल्टियां, पर्याप्त बालू, फावड़ा और पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य होगा। दुकानें केवल टीनशेड में लगेंगी। दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी और सामने तीन से छह मीटर चौड़ा रास्ता रखना होगा। दुकानें रिहायशी मकान, अस्पताल, स्कूल, बिजली ट्रांसफार्मर और ज्वलनशील पदार्थों के गोदाम से कम से कम 50 मीटर दूर होंगी।
तेज आवाज वाले पटाखों की बिक्री पर रोक
निर्धारित शर्तों के मुताबिक केवल कम प्रदूषण वाले हरित पटाखों की बिक्री अनुमन्य होगी। इनसे अन्य पटाखों की तुलना में 30 प्रतिशत कम प्रदूषण होने और ध्वनि स्तर 110 से 125 डेसीबल तक होने का उल्लेख किया गया है। रॉकेट, लड़ियां, बम, मिसाइल, क्रैकर्स चटाई और अन्य प्रतिबंधित आतिशबाजी की बिक्री नहीं की जा सकेगी। दुकानों पर धूम्रपान निषेध और 100 मीटर के दायरे में आतिशबाजी के प्रयोग पर रोक के बोर्ड लगाने होंगे।
बिजली के तारों के नीचे नहीं लगेगी दुकान
बिजली बाधित होने पर पेट्रोमैक्स, मोमबत्ती या लैंप जलाने की मनाही है। बिजली के तारों के नीचे दुकान नहीं लगाई जा सकेगी। अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना होगा और मुख्य मार्ग बाधित नहीं होना चाहिए। नाबालिगों, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों से पटाखों की बिक्री नहीं कराई जाएगी। दुकान पर पटाखे जलाकर प्रदर्शन करने, खुली सामग्री फैलाकर रखने और आतिशबाजी के साथ दूसरे सामान बेचने पर भी रोक रहेगी।
अवैध भंडारण पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक, अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) की मदद से भी जांच कर रही है। पुलिस ने निर्माताओं और विक्रेताओं को बिना अनुमति पटाखों का निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन नहीं करने की चेतावनी दी है। नियमों के उल्लंघन, शांति व्यवस्था या जनहित से जुड़ी स्थिति में किसी भी समय अनुमति निरस्त की जा सकती है। पटाखों पर प्रतिबंध लगने की स्थिति में लाइसेंस स्वतः निरस्त माना जाएगा। नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है।




